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Full text of "Chhattisgarh Gazette, 2005-03-18, No. 11, Pt. 1"

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छत्तीसगढ़ 


पंजीयन क्रमांक " छत्तीसगढ़/ दुर्ग/ 
सी. ओ./ रायपुर 17/2002 . " 


. 


" बिजनेस पोस्ट के अन्तर्गत डाक 
शुल्क के नगद भुगतान ( बिना डाक 
टिकट ) के प्रेषण हेतु अनुमत . क्रमांक 
जी . 2-22 - छत्तीसगढ़ गज़ट/38 सि . से .. 
भिलाई, दिनांक 30-5-2001. " 


सामान 


छत्तीसगढ़ राजपत्र 


प्राधिकार से प्रकाशित 


मांक 11 ] 


रायपुर, शुक्रवार , दिनांक 18 मार्च 2005 - फाल्गुन 27 , शक 1926 


- 


विषय - सूची 
भाग 1.- ( 1 ) राज्य शासन के आदेश, ( 2 ) विभाग प्रमुखों के आदेश , भाग 3.- ( 1 ) विज्ञापन और विविध सूचनाएं , ( 2 ) सांख्यिकीय 
( 3 ) उच्च न्यायालय के आदेश और अधिसूचनाएं, ( 4 ) 

सूचनाएं . 
राज्य शासन के संकल्प, ( 5 ) भारत शासन के आदेश और 
अधिसूचनाएं, ( 6 )निर्वाचन आयोग, भारत की अधिसूचनाएं, भाग 4.- ( क ) ( 1 ) छत्तीसगढ़ विधेयक , ( 2 ) प्रवर समिति के 
( 7 ) लोक - भाषां परिशिष्ट . 

प्रतिवेदन, ( 3 ) संसद में पुरःस्थापित विधेयक , ( ख ) ( 1 ) 

अध्यादेश , ( 2 ) छत्तीसगढ़ अधिनियम , ( 3 ) संसद् के 
भाग 2.- स्थानीय निकाय की अधिसूचनाएं. 

अधिनियम, ( ग ) ( 1 ) प्रारूप नियम , ( 2 ) अंतिम नियम . 


: 


भाग १ 


राज्य शासन के आदेश 


सामान्य प्रशासन विभाग 
मंत्रालय, दाऊ कल्याण सिंह भवन, रायपुर 


रायपुर, दिनांक 3 मार्च 2005 . 


क्रमांक ई- 1-2/2005 /एक/ 2. - इस विभाग के समसंख्यक आदेश दिनांक 20-1-2005 जिसके द्वारा श्री सत्यजीत ठाकुर भा . प्र. से . 
( यू. पी . 1985 ) को सदस्य, राजस्व मंडल, बिलासपुर के पद पर पदस्थ किया गया है, उक्त आदेश में संशोधन करते हुये श्री सत्यजीत ठाकुर . 
को अस्थाई रूप से आगामी आदेश तक श्रमायुक्त तथा पदेन सचिव, श्रम विभाग पदस्थ किया जाता है. 


333 


संचालक, मुद्रण तथा लेखन सामग्री, छत्तीसगढ़ द्वारा शासकीय क्षेत्रीय मुद्रणालय, राजनांदगांव से मुद्रित तथा प्रकाशित -- 2005 . 


334 


छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 18 मार्च 2005 


[ भाग 1 


2 . 


श्री बी . पी . एस. नेताम , भा . प्र. से. ( 1996 ) सचिव , माध्यमिक शिक्षा मण्डल को उनके वर्तमान कर्तव्यों के साथ - साथ अस्थायी रूप 
से आगामी आदेश तक प्रबंध संचालक, छ . ग. पाठ्य पुस्तक निगम का प्रभार भी सौंपा जाता है . 


छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , 

ए. के . विजयवर्गीय , मुख्य सचिव. 


--- 


विधि और विधायी कार्य विभाग 
मंत्रालय, दाऊ कल्याण सिंह भवन, रायपुर 





रायपुर, दिनांक 1 मार्च 2005 


फा . क्र . 1669 / डी -528/21 - ब/ छ.ग./ 05.- राज्य शासन , एतद्द्वारा , छत्तीसगढ़ माध्यस्थम अधिकरण अधिनियम, 1983 ( क्रमांक 29 
1983 ) की धारा 3 द्वारा प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए दिनांक 1 मार्च, 2005 से छत्तीसगढ़ राज्य माध्यस्थम अधिकरण का गठन क 
है , जिसका मुख्यालय रायपुर होगा. 


Raipur, the 1st March 2005 


f. No. 1669/D- 528/XXI-B/ C.G./05. — In exercise of the powers conferred by Section 3 of the Chhattisgarh 
Madhyashtam Adhikaran Adhiniyam, 1983 ( No. 29 of 1983), the State Government hereby constitute and Arbitration 
Tribunal with its Headquarter at Raipur w.e.f. 1st March, 2005. 


छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, 

टी . पी . शर्मा, प्रमुख सचिव .. 


. 


राजस्व विभाग 
कार्यालय, कलेक्टर, जिला दुर्ग , छत्तीसगढ़ एवं पदेन उप - सचिव, छत्तीसगढ़ शासन, राजस्व विभाग 


दुर्ग, दिनांक 18 अक्टूबर 2004 


क्रमांक 1683/ ले. पा./भू - अर्जन /2004.- चूंकि राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4) में वर्णि 
भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है, अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना 
अंतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबन्धों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इस 
द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने (5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उ 
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है 


- 


भूमि का वर्णन 


सार्वजनिक प्रयोज 


जिला 


तहसील 


अनुसूची 

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) . 
लगभग क्षेत्रफल 
( हेक्टेयर में ) . प्राधिकृत अधिकारी 
( 4 ) 

( 5 ) . 


नगर/ ग्राम 


के द्वारा 


का वर्णन 


( 1 ) 


( 2 ) 


( 3 ). 


( 6 ). 


दुर्ग 


दुर्ग 


2.21 


कोलिहापुरी 
• प. ह. नं . 18 


कार्यपालन यंत्री, तांदुला जल 
संसाधन संभाग, दुर्ग: 


पिसेगांव उद्वहन सिंचाई 


भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ), दुर्ग के कार्यालय में देखा जा सकता है . 


। 


335 


भाग 1 ] 


छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 18 मार्च 2005 


दुर्ग, दिनांक 18 अक्टूबर 2004 


क्रमांक 1686/ ले. पा./ भू -अर्जन / 2004. - चूंकि राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4) में वर्णित 
भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है, अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . 
अत : भू - अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबन्धों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके 
द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन, इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त 
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है : 


सार्वजनिक प्रयोजन 


भूमि का वर्णन 


अनुसूची 

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) 
लगभग क्षेत्रफल 

के द्वारा 
( हेक्टेयर में ) प्राधिकृत अधिकारी 
( 4 ) 

( 5 ) 


का वर्णन 


जिला 


तंहसील 


नगर/ ग्राम 


( 6 ) 


( 1 ) 


( 2 ) 


( 3 ) 


दुर्ग 


धमधा 


2.94 


डंगनिया 


कार्यपालन यंत्री, तांदुला जल 
संसाधन संभाग, दुर्ग. 


टेंगना नाला व्यपवर्तन की 
डूबान . 


. 


प . ह . 


नं .6 


भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ), दुर्ग के कार्यालय में देखा जा सकता हैं 


दुर्ग, दिनांक 18 अक्टूबर 2004 


क्रमांक 1689/ ले. पा./ भू - अर्जन / 2004. - चूंकि राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित 
भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है, अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. 
अत : भू - अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबन्धों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके 
द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त 
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है : 


सार्वजनिक प्रयोजन 


भूमि का वर्णन 


अनुसूची 

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) 
लगभग क्षेत्रफल 
( हेक्टेयर में ) प्राधिकृत अधिकारी 
( 4 ) 

( 5 ) 


के द्वारा 


का वर्णन 


जिला 


तहसील 


नगर/ ग्राम 


( 6 ) 


( 1 ) 


( 2 ) 


( 3 ) 


टेंगना नाला व्यपवर्तन 


धमधा 


0.66 


दुर्ग 


सिरनाभाठा 
प. ह . नं . 6 


कार्यपालन यंत्री, तांदुला जल 
संसाधन संभाग, दुर्ग . 


भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ), दुर्ग के कार्यालय में देखा जा सकता है. 


ल- ----- -- 


- : 


336 


छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 18 मार्च 2005 


[ भाग 1 


दुर्ग, दिनांक 18 अक्टूबर 2004 


क्रमांक 1692/ ले. पा ./ भू - अर्जन/ 2004.- चूंकि राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4).में वर्णित 
भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है, अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. 
अत : भू - अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबन्धों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके 
द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने (5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त 
धारा 4 को उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है : 


अनुसूची 


भूमि का वर्णन 


धारा 4 की उपधारा ( 2 


सार्वजनिक प्रयोजन 


जिला 


तहसील 


नगर/ ग्राम 


के द्वारा . 


का वर्णन 


लगभग क्षेत्रफल 
( हेक्टेयर में ) 

( 4 ) 


( 1 ) 


प्राधिकृत अधिकारी 

( 5 ) 


( 2 ) 


( 3 ) 


( 6 ) 


दुर्ग 


धमधा 


0.47 


दारगांव 
प. ह. नं . 31 


कार्यपालन यंत्री, लोक निर्माण, 
सेतु निर्माण रायपुर संभाग. 


शिवनाथ पुल एवं पहुंच मार्ग 


भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ), दुर्ग के कार्यालय में देखा जा सकता है. 


दुर्ग, दिनांक 18 अक्टूबर 2004 


क्रमांक 1695/ ले. पा./ भू - अर्जन / 2004.- चूंकि राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित 
भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है, अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. 
अत : भू - अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबन्धों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके 
द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त 
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है : 


अनुसूची 


भूमि का वर्णन 


धारा 4 की उपधारा ( 2 ) 


सार्वजनिक प्रयोजन 


जिला 


तहसील 


नगर/ ग्राम 


के द्वारा 


का वर्णन 


लगभग क्षेत्रफल 
( एकड़ में ) 

( 4 ) 


( 1 ) 


प्राधिकृत अधिकारी 

( 5 ) 


( 2 ) 


( 3 ) 


( 6 ) 


दुर्ग 


धमधा 


3.29 


गाडाडीह 
प. ह. नं. 21 


प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना 


कार्यपालन यंत्री, परियोजना 
क्रियान्वयन इकाई , प्रधानमंत्री 
ग्राम सड़क योजना , जिला - दुर्ग . 


के तहत . 


भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ), दुर्ग के कार्यालय में देखा जा सकता है. 


भाग 1 ] 


छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 18 मार्च 2005 


337 


दुर्ग, दिनांक 18 अक्टूबर 2004 


क्रमांक 1701 / ले . पा ./ भू - अर्जन / 2004.- चूंकि राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1) से ( 4 ) में वर्णित 
भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है, अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. 
अत : भू - अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबन्धों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके 
द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने (5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त 
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है : -- 


अनुसूची 


भूमि का वर्णन 


धारा 4 को उपधारा ( 2 ) 


सार्वजनिक प्रयोजन 


जिला 


तहसील 


नगर/ ग्राम 


के द्वारा 


का वर्णन 


लगभग क्षेत्रफल 
( हेक्टेयर में ) 

( 4 ) 


प्राधिकृत अधिकारी 

( 5 ) 


( 1 ) 


( 2 ) 


( 3 ) 


( 6 ) 


दुर्ग 


दुर्ग 


1.96 


पीसेगांव 
प . ह. नं . 18 


कार्यपालन यंत्री, तान्दुला जल 
संसाधन संभाग , दुर्ग. 


पीसेगांव उद्वहन सिचाई 
योजना. 


भूमि का नक्शा (प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ), दुर्ग के कार्यालय में देखा जा सकता है. 


दुर्ग , दिनांक 18 अक्टूबर 2004 


क्रमांक 1704/ ले. पा./ भू - अर्जन /2004. - चूंकि राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित 
भूमि को अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है, अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. 
अत : भू - अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 को उपधारा ( 1 ) के उपबन्धों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके 
द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने (5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त 
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है : 


: 


- 


अनुसूची 


भूमि का वर्णन 


सार्वजनिक प्रयोजन 


जिला 


तहसील 


नगर/ ग्राम 


धारा 4 की उपधारा ( 2 ) 

के द्वारा 
प्राधिकृत अधिकारी 

( 5 ) 


लगभग क्षेत्रफल 
( हेक्टेयर में ) 

( 4 ) 


का वर्णन 


( 1 ) 


( 2 ) . 


( 3 ) 


( 6 ) 


दुर्ग 


धमधा 


0.30 


पेन्ड्री 
प. ह. नं.5 


अनुविभागीय अधिकारी, लोक 
निर्माण विभाग, सेतु निर्माण उप 


शिवनाथ नदी पुल एवं पहुंच 
मार्ग . 


संभाग , रायपुर. 


भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व), दुर्ग के कार्यालय में देखा जा सकता है. 


. 


338 


छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 18 मार्च 2005 


[ भाग 1 


दुर्ग , दिनांक 18 अक्टूबर 2004 


क्रमांक 1707/ ले. पा./ भू - अर्जन / 2004.- चूंकि राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित 
भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है, अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . 
अत : भू - अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1) के उपबन्धों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके 
द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त 
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है : 


-- 


भूमि का वर्णन 


अनुसूची 

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) 
लंगभग क्षेत्रफल 
( हेक्टेयर में ) प्राधिकृत अधिकारी 
( 4 ) 

( 5 ) 


सार्वजनिक प्रयोजन 

का वर्णन 


जिला 


तहसील 


नगर/ ग्राम 


के द्वारा 


( 1 ) 


( 2 ) 


( 3 ) 


( 6 ) 


दुर्ग 


दुर्ग 


1.661 


उरला 
प. ह. नं . 17 


कार्यपालन यंत्री, तान्दुला जल 
संसाधन, दुर्ग : 


उद्वहन सिंचाई योजना 


, 


भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ), दुर्ग के कार्यालय में देखा जा सकता है. 


दुर्ग, दिनांक 29 अक्टूबर 2004 


क्रमांक 1744/ ले. पा./ भू - अर्जन / 2004.- चूंकि राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4) में वर्णित 
भूमि की अनुसूची के खाने (6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है, अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . 
अत : भू - अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबन्धों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके 
द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन, इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त 
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है 


: 


भूमि का वर्णन 


सार्वजनिक प्रयोजन 


अनुसूची 

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) 
लगभग क्षेत्रफल 
( हेक्टेयर में ) प्राधिकृत अधिकारी 
( 4 ) 

(65 ) 


जिला 


तहसील 


नगर/ ग्राम 


के द्वारा 


का वर्णन 


( 2 ) 


( 3 ) 


( 6 ) 


( 1 ) 
दुर्ग 


धमधा 


5.87 


घोटवानी 
प. ह . नं . 15 


कार्यपालन अभियंता, तान्दुला 
जल संसाधन संभाग, दुर्ग. 


आमनेर मोतीनाला व्यपवर्तन 
के मुख्य नहर में भूमि का 


अर्जन. 


भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ), दुर्ग के कार्यालय में देखा जा सकता है. 


339 


भाग 1 ] 


छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 18 मार्च 2005 


दुर्ग, दिनांक 29 अक्टूबर 2004 


क्रमांक 1741/ ले. पा ./ भू - अर्जन / 2004.- चूंकि राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित 
भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है, अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . 
अत : भू - अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक एक सन् 1894 ) को धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबन्धों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके 
द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने (5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त 
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है : 


भूमि का वर्णन 


अनुसूची 

धारा 4 को उपधारा ( 2 ) 
लगभग क्षेत्रफल 
( हेक्टेयर में ) प्राधिकृत अधिकारी 
( 4 ) 

.. ( 5 ) . 


सार्वजनिक प्रयोजन 

का वर्णन 


जिला 


तहसील 


नगर/ ग्राम 


के द्वारा 


( 1 ) 


( 2 ) 


( 3 ) 


( 6 ) 


दुर्ग 


धमधा 


1.11 . 


घोठा 
प . ह. नं. 13 


कार्यपालन अभियंता, तांदुला 
जल संसाधन संभाग , दुर्ग . 


आमनेर मोतीनाला व्यपवर्तन में 
नहर में भूमि का अर्जन. 


. 


भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ), दुर्ग के कार्यालय में देखा जा सकता है. 


दुर्ग, दिनांक 29 अक्टूबर 2004 


क्रमांक 1747/ ले. पा./ भू - अर्जन /2004. - चूंकि राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4) में वर्णित 
भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है, अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. 
अतः भू - अर्जन अधिनियम, 1894. (क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1) के उपबन्धों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके 
द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन , इसके द्वारा , अनुसूची के खाने (5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त 
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृतं करता है 


. 


. 


अनुसूची 


भूमि का वर्णन 


धारा 4 की उपधारा ( 2 ) 


सार्वजनिक प्रयोजन 


जिला 


तहसील 


नगर/ ग्राम 


के द्वारा 


का वर्णन 


लगभग क्षेत्रफल 
( हेक्टेयर में ) 

( 4 ) 


प्राधिकृत अधिकारी 

( 5 ) 


( 1 ) 


( 2 ) 


• ( 3 ) 


( 6 ) 


दुर्ग 


धमधा 


1.16 


भाठाकोकड़ी 
प. ह. नं . 15 


कार्यपालन अभियंता, तान्दुला 
जल संसाधन संभाग , दुर्ग. 


आमनेर मोतीनाला व्यपवर्तन 
को नहर में भूमि का अर्जन. 


भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ), दुर्ग के कार्यालय में देखा जा सकता है. 


340 


छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 18 मार्च 2005 


[ भाग 1 


दुर्ग, दिनांक 29 अक्टूबर 2004 


क्रमांक 1750/ ले. पा ./ भू - अर्जन /2004.- चूंकि राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4) में वर्णित 
भूमि की अनुसूची के खाने (6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है, अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. 
अतः भू - अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबन्धों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके 
द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन , इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त 
धारा 4 को उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है 


अनुसूची 


भूमि का वर्णन 


धारा 4 की उपधारा ( 2 ). 


सार्वजनिक प्रयोजन 


जिला 


तहसील 


नगर/ ग्राम 


के द्वारा 


का वर्णन 


लगभग क्षेत्रफल 
( हेक्टेयर में ) 

( 4 ) 


( 1 ) 


( 2 ) 


प्राधिकृत अधिकारी 

( 5 ) 


( 3) 


( 6 ) 


दुर्ग 


धमधा 


1 


4.27 


राजपुर 
प. ह . नं . 3 


कार्यपालन अभियंता , तांदुला 
जल संसाधन संभाग , दुर्ग. 


राजपुर जलाशय के नहर 
निर्माण कार्य हेतु भूमि का 
अर्जन . 


भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ), दुर्ग के कार्यालय में देखा जा सकता है. 


दुर्ग, दिनांक 29 अक्टूबर 2004 


क्रमांक 1753/ ले. पा./ भू - अर्जन/2004. - चूंकि राज्य शासन को यह प्रतीत होता है.कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित 
भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है, अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. 
अत : भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1) के उपबन्धों के अनुसार सभी संबंधित व्यक्तियों को इसके 
द्वारा इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन , इसके द्वारा, अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त 
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है : 


+ 


अनुसूची 


भूमि का वर्णन 


धारा 4 की उपधारा ( 2 ) 


सार्वजनिक प्रयोजन 


- 


जिला 


तहसील 


नगर/ ग्राम 


के द्वारा 


का वर्णन 


लगभग क्षेत्रफल 
( हेक्टेयर में ) 

( 4 ) 


प्राधिकृत अधिकारी 

( 5 ) 


( 1 ) 


( 2 ) 


( 3 ) 


( 6 ) 


दुर्ग 


धमधा 


6.87 


खैरझिटी 
प. ह . नं. 15 


कार्यपालन अभियंता, तान्दुला 
जल संसाधन संभाग , दुर्ग. 


आमनेर मोतीनाला व्यपवर्तन 
के नहर में भूमि का अर्जन . 


भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ), दुर्ग के कार्यालय में देखा जा सकता है. 


छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , 

जवाहर श्रीवास्तव, कलेक्टर एवं पदेन उप - सचिव, 


भाग 1 ] 


छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 18 मार्च 2005 


341 


कार्यालय, कलेक्टर , जिला जांजगीर - चांपा , छत्तीसगढ़ एवं पदेन उप - सचिव, छत्तीसगढ़ शासन , राजस्व विभाग 


जांजगीर - चांपा, दिनांक 22 सितम्बर 2004 


प्रकरण क्रमांक 89 / अ -82/2003-04.- चूंकि राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित 
भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है , अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . 
अत : भू - अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक सन् 1894 ) संशोधित भू- अर्जन अधिनियम, 1984 की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबन्धों के अनुसार 
इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन, इसके द्वारा, इस अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी 
को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश 
देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( अ ) के उपबंध, उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे, क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 
की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं 


अनुसूची 


धारा 4 की उपधारा ( 2 ) 


सार्वजनिक प्रयोजन 


भूमि का वर्णन 

नगर/ ग्राम 


जिला 


तहसील 


के द्वारा 


का वर्णन 


. 


लगभग क्षेत्रफल 
( हेक्टेयर में ) 

( 4 ) 


प्राधिकृत अधिकारी 

( 5 ) 


( 1 ) 


( 2 ) 


. 


( 3 ) 


( 6 ) 


जांजगीर - चांपा 


जैजैपुर 


0.743 


महुआडीह सब माइनर 


जैजैपुर 
प . ह. नं .14 


कार्यपालन यंत्री, मिनीमाता बांगो 
नहर संभाग क्र . 3. सक्ती. 


भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू - अर्जन अधिकारी हसदेव परियोजना, सक्ती/ जांजगीर के कार्यालय में देखा जा सकता है. 


जांजगीर - चांपा, दिनांक 22 सितम्बर 2004 


प्रकरण क्रमांक 143/ अ -82/2003-04.- चूंकि राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित 
भूमि की अनुसूची के खाने ( 6) मैं उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है, अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . 
अत : भू - अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक सन् 1894 ) संशोधित भू- अर्जन अधिनियम , 1984 की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबन्धों के अनुसार 
इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन, इसके द्वारा, इस अनुसूची के खाने (5 ) में उल्लेखित अधिकारी 
को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश 
देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( अ ) के उपबंध, उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे, क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 
की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : 


भूमि का वर्णन 


सार्वजनिक प्रयोजन 


अनुसूची 

धारा 4 को उपधारा ( 2 ) . 
लगभग क्षेत्रफल 
( हेक्टेयर में ) प्राधिकृत अधिकारी 
( 4 ) 

( 5 ) 


जिला 


तहसील 


नगर/ ग्राम 


के द्वारा 


का वर्णन 


( 1 ) 


( 2 ) 


( 3 ) 


( 6 ) 


जांजगीर - चांपा 


मालखरौदा 


0.476 


भडोरा माइनर । 


भडोरा 
प. ह. नं . 14 


कार्यपालन यंत्री , मिनीमाता 
बांगो नहर संभाग क्र . 4 , डभरा . 


भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू- अर्जन अधिकारी हसदेव परियोजना, सक्ती /जांजगीर के कार्यालय में देखा जा सकता है. 


342 


छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 18 मार्च 2005 


[ भाग 1 


जांजगीर - चांपा, दिनांक 22 सितम्बर 2004 


- 


प्रकरण क्रमांक 268 / अ -82/2003-04.- चूंकि राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित 
भूमि की अनुसूची के खाने (6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है, अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. 
अतः भू - अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक सन् 1894 ) संशोधित भू- अर्जन अधिनियम, 1984 की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबन्धों के अनुसार 
इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन, इसके द्वारा, इस अनुसूची के खाने (5 ) में उल्लेखित अधिकारी 
को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश 
देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( अ ) के उपबंध, उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे, क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 
की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : 


अनुसूची 


भूमि का वर्णन 


धारा 4 की उपधारा ( 2 ) 


सार्वजनिक प्रयोजन 


जिला 


तहसील 


नगर/ ग्राम 


के द्वारा 


लगभग क्षेत्रफल 
( हेक्टेयर में 


का वर्णन 


( 1 ) 


प्राधिकृत अधिकारी 

( 5 ) 


( 2 ) 


( 3 ) 


( 4 ) 


( 6 ) 


जांजगीर - चांपा मालखरौदा 


0.189 


चरौदी सब माइनर 


बन्दोरा 
प . ह. नं . 08 


कार्यपालन यंत्री, मिनीमाता 
बांगो नहर संभाग क्र . 4, डभरा. 


- 


भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू- अर्जन अधिकारी हसदेव परियोजना, सक्ती/ जांजगीर के कार्यालय में देखा जा सकता है. 


जांजगीर - चांपा, दिनांक 22 सितम्बर 2004 


प्रकरण क्रमांक 269/ अ -82/ 2003-04.- चूंकि राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के.खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित 
भूमि को अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है, अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . 
अत : भू - अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक सन् 1894 ) संशोधित भू - अर्जन अधिनियम, 1984 की धारा 4 की उपधारा ( 1), के उपबन्धों के अनुसार 
इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन , इसके द्वारा, इस अनुसूची के खाने (5 ) में उल्लेखित अधिकारी 
को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश 
देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( अ ) के उपबंध, उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 
की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं 


- 


.. 


अनुसूची 


भूमि का वर्णन 


धारा 4 की उपधारा ( 2 ) 


सार्वजनिक प्रयोजन 


जिला 


तहसील 


नगर/ ग्राम 


के द्वारा 


का वर्णन 


लगभग क्षेत्रफल 
( हेक्टेयर में ) 

( 4 ) 


( 1 ) 


प्राधिकृत अधिकारी 

( 5 ) 


( 2 ) 


( 3 ) 


( 6 ) 


जांजगीर - चांपा मालखरौदा 


0.290 


करिगांव माइनर 


करिगांव 
प . ह. नं . 07 


कार्यपालन यंत्री, मिनीमाता 
बांगो नहर संभाग क्र . 4 , डभरा. 


भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू - अर्जन अधिकारी हसदेव परियोजना, सक्ती / जांजगीर के कार्यालय में देखा जा सकता है . 


. 


भाग 1 ] 


छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 18 मार्च 2005 


343 


जांजगीर - चांपा, दिनांक 22 सितम्बर 2004 


प्रकरण क्रमांक 270 / अ-82 /2003-04.- चूंकि राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1) से ( 4 ) में वर्णित 
भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है , अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है . 
अत : भू - अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक सन् 1894 ) संशोधित भू - अर्जन अधिनियम, 1984 की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबन्धों के अनुसार 
इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन , इसके द्वारा, इस अनुसूची के खाने (5 ) में उल्लेखित अधिकारी 
को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 को उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश 
देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( अ ) के उपबंध, उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे, क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा .17 
को उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं 


. 


भूमि का वर्णन 


सार्वजनिक प्रयोजन 


अनुसूची 

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) 
लगभग क्षेत्रफल 
( हेक्टेयर में ) प्राधिकृत अधिकारी 
( 4 ) 

( 5 ) 


जिला 


तहसील 


नगर/ ग्राम 


के द्वारा 


का वर्णन 


( 1) 


( 2 ) 


( 3 ) 


( 6 ) 


जांजगीर - चांपा मालखरौदा 


0.263 


करिगांव ब्रांच माइनर 2 


करिगांव 
प. ह. नं.6 


कार्यपालन यंत्री, मिनीमाता 
हसदेव बांगो क्र . 4, डंभरा. 


भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू- अर्जन अधिकारी हसदेव परियोजना, सक्ती /जांजगीर के कार्यालय में देखा जा सकता है. 


जांजगीर - चांपा, दिनांक 22 सितम्बर 2004 


) 


प्रकरण क्रमांक 271/ अ-82/ 2003-04.- चूंकि राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित 
भूमि को अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है, अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. 
अत: भू - अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक सन् 1894 ) संशोधित भू - अर्जन अधिनियम, 1984 की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबन्धों के अनुसार 
इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन, इसके द्वारा, इस अनुसूची के खाने ( 5) में उल्लेखित अधिकारी 
को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश 
देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( अ ) के उपबंध, उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे, क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 
की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : 


अनुसूची 


भूमि का वर्णन 


धारा 4 की उपधारा ( 2 ) 


सार्वजनिक प्रयोजन 


जिला 


तहसील 


नगर/ ग्राम 


के द्वारा 


का वर्णन 


लगभग क्षेत्रफल 
( हेक्टेयर में ) 


प्राधिकृत अधिकारी 

( 5 ) 


( 1 ) 


( 2 ) 


( 3 ) 


( 4) 


( 6 ) 


जांजगीर - चांपा मालखरौदा 


0.318 


कटारी माइनर 


बुन्देली 
प. ह . नं . 08 


कार्यपालन यंत्री, मिनीमाता 
हसंदेव. बांगो परि. नहर संभाग 


क्र .4, डभरा. 


१ 


- 


भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू - अर्जन अधिकारी हसदेव परियोजना, सक्ती/ जांजगीर के कार्यालय में देखा जा सकता है. 


. 


344 


छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 18 मार्च 2005 


[ भाग 1 


जांजगीर- चांपा, दिनांक 22 सितम्बर 2004 


प्रकरण क्रमांक 277 / अ -82 /2003-04.- चूंकि राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित 
भूमि को अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है, अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. 
अत : भू - अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक सन् 1894 ) संशोधित भू - अर्जन अधिनियम, 1984 की धारा-4 को उपधारा ( 1 ) के उपबन्धों के अनुसार 
इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन, इसके द्वारा, इस अनुसूची के खाने (5 ) में उल्लेखित अधिकारी 
को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश 
देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( अ ) के उपबंध, उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे, क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 
की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : 


अनुसूची 


भूमि का वर्णन 


धारा 4 की उपधारा ( 2 ) 


सार्वजनिक प्रयोजन 


जिला 


तहसील 


नगर/ ग्राम 


के द्वारा 


का वर्णन 


लगभग क्षेत्रफल 
( हेक्टेयर में ) 

( 4 ) 


प्राधिकृत अधिकारी 

( 5 ) 


( 1 ) 


( 2 ) 


( 3 ) 


( 6 ) 


कटारी माइनर 1 . 


जांजगीर - चांपा मालखरौदा बुन्देली 

0.133 कार्यपालन यंत्री, मिनीमाता 
प. ह . नं . 08 

28 
भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू - अर्जन अधिकारी हसदेव परियोजना, सक्ती / जांजगीर के कार्यालय में देखा जा सकता है . 


जांजगीर - चांपा, दिनांक 22 सितम्बर 2004 


प्रकरण क्रमांक 679/ अ -82/ 2002-03.- चूंकि राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित 
भूमि की अनुसूची के खाने (6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है, अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. 
अत: भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक सन् 1894 ) संशोधित भू - अर्जन अधिनियम, 1984 की धारा 4 को उपधारा ( 1 ) के उपबन्धों के अनुसार 
इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन , इसके द्वारा , इस अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी 
को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश 
देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( अ ) के उपबंध, उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे, क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 
की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं 


भूमि का वर्णन 


सार्वजनिक प्रयोजन 


जिला 


तहसील 


अनुसूची 

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) 
लगभग क्षेत्रफल 

के द्वारा 
( हेक्टेयर में ) प्राधिकृत अधिकारी 
( 4 ) 

( 5 ) 


नगर/ ग्राम 


का वर्णन 


( 1 ) 


( 2 ) 


( 3 ) 


( 6 ) 


जांजगीर - चांपा 


जैजैपुर 


1.771 


चोरभट्टी 
प. ह. नं . 15 


कार्यपालन यंत्री, मिनीमाता 
बांगो नहर संभाग क्र . 3, सक्ती. 


मुक्ता उप वितरक नहर 


भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू- अर्जन अधिकारी हसदेव परियोजना , सक्ती /जांजगीर के कार्यालय में देखा जा सकता है. 


। 


- 


भाग 1 ] 


छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 18 मार्च 2005 


345 


जांजगीर - चांपा, दिनांक 22 सितम्बर 2004 


प्रकरण क्रमांक 691/ अ -82/ 2002-03.- चूंकि राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1) से ( 4) में वर्णित 
भूमि को अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है , अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. 
अत: भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक सन् 1894 ) संशोधित भू - अर्जन अधिनियम , 1984 की धारा 4 को उपधारा ( 1 ) के उपबन्धों के अनुसार 
इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन , इसके द्वारा , इस अनुसूची के खाने (5 ) में उल्लेखित अधिकारी 
को उक्त भूमि के संबंध में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश 
देता है कि उक्त अधिनियम की धारा 5 ( अ ) के उपबंध, उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे, क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 
की उपधारा ( 1 ) के उपबंध उसके संबंध में लागू होते हैं : 


भूमि का वर्णन 


सार्वजनिक प्रयोजन 


जिला 


तहसील 


अनुसूची 

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) 
लगभग क्षेत्रफल 
( हेक्टेयर में ) प्राधिकृत अधिकारी 
( 4 ) 

( 5 ) 


नगर/ ग्राम 


के द्वारा 


का वर्णन 


( 1 ) 


( 2 ) 


( 3 ) 


( 6 ) 


-- 


जांजगीर - चांपा 


जैजैपुर 


0.461 


कंचदा उप वितरक नहर 


हरदीडीह 
प. ह. नं . 20 


कार्यपालन यंत्री, मिनीमाता 
बांगो नहर संभाग क्र . 3, सक्ती . 


माइनर-2 R 


. 


भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू - अर्जन अधिकारी हसदेव परियोजना, सक्ती /जांजगीर के कार्यालय में देखा जा सकता है. 


जांजगीर - चांपा, दिनांक 22 सितम्बर 2004 


क्रमांक क / भू - अर्जन . -- चूंकि राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची 
के खाने (6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है, अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अत : भू - अर्जन अधिनियम, 
1894. ( क्रमांक सन् 1894 ) संशोधित भू - अर्जन अधिनियम, 1984 की धारा 4 को उपधारा ( 1) के उपबन्धों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित 
व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन , इसके द्वारा, इस अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध 
में उक्त धारा 4 की उपधारा (2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम 
की धारा 5 ( अ ) के उपबंध, उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे, क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध 
उसके संबंध में लागू होते हैं : 


भूमि का वर्णन 


सार्वजनिक प्रयोजन 


अनुसूची 

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) 
लगभग क्षेत्रफल 
( हेक्टेयर में ) प्राधिकृत अधिकारी 
( 4 ) 

( 5 ) 


जिला 


तहसील 


नगर/ ग्राम 


के द्वारा 


का वर्णन 


( 1 ) 


( 2 ) 


( 3 ) 


( 6 ) 


जांजगीर - चांपा 


जैजैपुर 


0.492 


बोडसरा 
प, ह . नं . 13 


कार्यपालन यंत्री, मिनीमाता 
बांगो नहर संभाग क्र . 3, सक्ती . 


कंचदा उप वितरक नहर 
माइनर-2 R. 


भूमि का नक्शा ( प्लान ) भू - अर्जन अधिकारी हसदेव परियोजना, सक्ती/ जांजगीर के कार्यालय में देखा जा सकता है. 


छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , 

बी . एल. तिवारी , कलेक्टर एवं पदेन उप - सचिव. 


346 


छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 18 मार्च 2005 


[ भाग 1 


कार्यालय, कलेक्टर , जिला दक्षिण बस्तर दन्तेवाड़ा, छत्तीसगढ़ एवं पदेन उप - सचिव , छत्तीसगढ़ शासन, 

राजस्व विभाग 


दन्तेवाड़ा, दिनांक 23 सितम्बर 2004 


क्रमांक 8738 / क/ भू - अर्जन / अ -82 /2003-04.- चूंकि राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 
में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामनेदिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है, अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना 
है . अत : भू - अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबन्धों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित 
व्यक्तियों को इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन, इसके द्वारा, इस अनुसूची के खाने (5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध 
में उक्त धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम 
की धारा 5- ( अ ) के उपबन्ध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे, क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 को उपधारा ( 1 ) के उपबंध 
उसके संबंध लागू होते हैं : 


अनुसूची 


भूमि का वर्णन 


धारा 4 की उपधारा ( 2 ) 


सार्वजनिक प्रयोजन 


जिला 


cioriva 


लाल 


के द्वारा 


का वर्णन 


हेक्टेयर में ) 


L 


( 1 ) 


( 2 ) 


( 3 ) 


( 4 ) 


दंतेवाड़ा 


टेकनार 


6.30 


दक्षिण बस्तर 
दन्तेवाड़ा. 


प्राकृiiii.... 
( 5 ) 

( 6 ) 
कार्यपालन अभियंता, जल संसाधन कारली , भैरमबंद एवं आंवरा 
संभाग , दक्षिण बस्तर संभाग , भाटा माइनर निर्माण हेतु. 
दन्तेवाड़ा. 


4 . 


दन्तेवाड़ा, दिनांक 3 दिसम्बर 2004 


" 


क्रमांक 6855 / भू - अर्जन / अ - 82.- चूंकि राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि 
की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है, अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अत: 
भू - अर्जन अधिनियम, 1984 ( क्रमांक 1 सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबन्धों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को 
इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन, इसके द्वारा , इस अनुसूची के खाने (5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त 
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम 
की धारा 5- ( अ ) के उपबन्ध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे, क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध 
उसके संबंध लागू होते हैं 


अनुसूची 


भूमि का वर्णन 


धारा 4 की उपधारा ( 2 ) 


सार्वजनिक प्रयोजन 


जिला 


तहसील 


नगर/ ग्राम 


के द्वारा 


का वर्णन 


लगभग क्षेत्रफल 
( एकड़ में ) 

( 4 ) 


( 1 ) 


प्राधिकृत अधिकारी 

( 5 ) 


( 2 ) 


( 3 ) 


( 6 ) 


दक्षिण बस्तर भोपालपटनम गोटाईगुड़ा 
दन्तेवाड़ा 


0.69 


कार्यपालन यंत्री, राष्ट्रीय राजमार्ग 
संभाग , जगदलपुर . 


राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक -202 
के निर्माण हेतु. 


भाग 1 ] 


छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 18 मार्च 2005 


347 


दन्तेवाड़ा , दिनांक 3 दिसम्बर 2004 


क्रमांक 6856 / भू- अर्जन / अ -82.-- चूंकि राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) में वर्णित भूमि 
को अनुसूची के खाने ( 6) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है, अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना है. अतः 
भू - अर्जन अधिनियम , 1984 (क्रमांक 1 पन् 1894 ) को धारा 4 को उपधारा ( 1 ) के उपबन्धों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों को 
इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन , इसके द्वारा , इस अनुसूची के खाने (5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त 
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम , 
की धारा 5- ( अ ) के उपबन्ध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे, क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध 
उसके संबंध लागू होते हैं 


अनुसूची 


भूमि का वर्णन 


धारा 4 की उपधारा ( 2 ) 


सार्वजनिक प्रयोजन 


जिला 


तहसील 


नगर/ ग्राम 


के द्वारा 


का वर्णन 


लगभग क्षेत्रफल 
( एकड़ में ) 

( 4 ) 


प्राधिकृत अधिकारी 

( 5 ) 


( 1 ) 


( 2 ) 


( 3 ) 


भद्राकाली 


दक्षिण बस्तर भोपालपटनम 
दंतेवाड़ा 


1.39 


( 6 ) 
राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक -202 
के निर्माण हेतु . 


कार्यपालन यंत्री, राष्ट्रीय राजमार्ग 
संभाग , जगदलपुर . 


1 


दन्तेवाड़ा , दिनांक 17 दिसम्बर 2004 


क्रमांक 9098 / क/ भू - अर्जन / अ -82 /2004-0s.-- चूंकि राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने (1 ) से ( 4 ) 
में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने (6 ) में उसके सामनेदियेगयेसार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है, अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावम 
है . अत: भू- अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक 1 सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबन्धों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों 
को इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन, इसके द्वारा , इस अनुसूची के खाने (5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त 
धारा 4 की उपधारा (2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम 
की धारा 5- ( अ) के उपबन्ध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे , क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 77 की उपधारा (1) के उपबंध 
उसके संबंध लागू होते हैं : 


: 


भूमि का वर्णन 


सार्वजनिक प्रयोजन 


जिला 


तहसील 


अनुसूची 

धारा 4 की उपधारा ( 2 ) 
लगभग क्षेत्रफल 
( हेक्टेयर में ) 

प्राधिकृत अधिकारी 
( 4 ) 

( 5 ) 


नगर/ ग्राम 


के द्वारा 


का वर्णन 


( 1 ) 


( 2 ) 


( 3 ) 


( 6 ) . 


दंतेवाड़ा 


गुमियापाल 


0.35 


दक्षिण बस्तर 
दन्तेवाड़ा. 


कार्यपालन अभियंता, लोक निर्माण 
विभाग ( भ./ स. ), दक्षिण बस्तर , 
दंतेवाड़ा. 


कॉरीडोर मार्गनिर्माण ग्राम 
गुमियापाल. 


348 


. 


छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 18 मार्च 2005 


[ भाग 1 


दन्तेवाड़ा , दिनांक 17 दिसम्बर 2004 


क्रमांक 9099 / क/ भू - अर्जन/ अ -82/ 2004-05.- चूंकि राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) 
में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है, अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना 
है. अत: भू - अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक 1 सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबन्धों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों 
को इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन, इसके द्वारा , इस अनुसूची के खाने ( 5) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त 
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम 
की धारा 5- ( अ ) के उपबन्ध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे, क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध 
उसके संबंध लागू होते हैं : 


अनुसूची 


भूमि का वर्णन 


धारा 4 की उपधारा ( 2 ) 


सार्वजनिक प्रयोजन 


जिला 


तहसील 


नगर/ ग्राम 


के द्वारा 


का वर्णन 


लगभग क्षेत्रफल 
( हेक्टेयर में ) 

( 4 ) 


... 


( 1.) . 


( 2 ) ... 


- ( 3 ) . 


प्राधिकृत अधिकारी 

( 5 ) 


( 6) 


: 


! 


दंतेवाड़ा 


जावंगा 


3.01. 


दक्षिण बस्तर 
दन्तेवाड़ा. 


मेजर/ कमान अधिकारी, सीमा 
सड़क संगठन , 108 आर. सीसी 
केम्प, कारली. 


राष्ट्रीय राजमार्ग क्र . 16 क 
चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण 
ग्राम - जावंगा. 


- 


दन्तेवाड़ा, दिनांक 21 दिसम्बर 2004 


क्रमांक 10066/ क/ भू - अर्जन / अ -82 / 2004-05.- चूंकि राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4) 
में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है, अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना . 
है . अत: भू - अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक 1 सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबन्धों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों 
को इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन, इसके द्वारा , इस अनुसूची के खाने ( 5) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त 
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम 
की धारा 5- ( अ ) के उपबन्ध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे, क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 को उपधारा ( 1 ) के उपबंध 
उसके संबंध लागू होते हैं : 


. 


२ 


- 


भूमि का वर्णन 


जिला 


तहसील 


नगर/ ग्राम 


अनुसूची 

धारा 4- की उपधारा ( 2 ) , 
लगभग क्षेत्रफल 
( हेक्टेयर में ) 

प्राधिकृत अधिकारी 

. ( 5 ) 


सार्वजनिक प्रयोजन 

का वर्णन 


के द्वारा 


- 


( 1 ) 


( 2 ) 


( 3 ) 


( 4 ) 


( 6 ) 


दंतेवाड़ा 


कारली 


दक्षिण बस्तर 
दन्तेवाड़ा. 


2.53 


मेजर , कमान अधिकारी, सीमा 

सड़क संगठन , हीरक प्रो . केम्प 
, कारली. 


राष्ट्रीय राजमार्ग 16 के चौड़ी 
करण एवं सुदृढ़ीकरण. 


भाग 1 ] . 


छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 18 मार्च 2005 


349 


दन्तेवाड़ा, दिनांक 21 दिसम्बर 2004 


. 


क्रमांक 10069/ क/ भू - अर्जन / अ -82 /2004-05.- चूंकि राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) 
में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामनेदिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है , अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना 
है . अत : भू - अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक 1 सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबन्धों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों 
को इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन , इसके द्वारा , इस अनुसूची के खाने ( 5) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त 
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम 
की धारा 5- ( अ ) के उपबन्ध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे, क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 को उपधारा ( 1 ) के उपबंध 
उसके संबंध लागू होते हैं 


अनुसूची 


. 


भूमि का वर्णन 


धारा 4 की उपधारा ( 2 ) 


सार्वजनिक प्रयोजन 


जिला 


तहसील 


नगर/ग्राम . 


के द्वारा 


का वर्णन 


लगभग क्षेत्रफल 
( हेक्टेयर में ) 

( 4 ) 


प्राधिकृत अधिकारी 

( 5 ) 


( 1 ) 


( 2 ) 


( 3 ) 


( 6 ) 


दंतेवाड़ा 


दक्षिण बस्तर 
दन्तेवाडा. 


बड़ेसुरोखी 


1.25 


मेजर , कमान अधिकारी, सीमा 
सड़क संगठन, हीरक परि . केम्प , 
कारली. 


राष्ट्रीय राजमार्ग 16 के चौड़ी 
करण एवं सुदृढ़ीकरण हेतु. 


दन्तेवाड़ा, दिनांक 21 दिसम्बर 2004 


क्रमांक 10070/ क / भू - अर्जन / अ -82 / 2003-04.-- चूंकि राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) 
वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है , अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना 
है . अत : भू - अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक 1 सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबन्धों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों 
को इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन, इसके द्वारा , इस अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त 
धारा 4 की उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम 
की धारा 5- ( अ ) के उपबन्ध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे, क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 की उपधारा ( 1 ) के उपबंध 
उसक संबंध लागू होते हैं 


: 


अनुसूची 


भूमि का वर्णन 


धारा 4 की उपधारा ( 2 ) 


सार्वजनिक प्रयोजन 


जिला 


तहसील 


नगर/ ग्राम 


के द्वारा 


का वर्णन 


लगभग क्षेत्रफल 
( हेक्टेयर में ) 

( 4 ) 


प्राधिकृत अधिकारी 

( 5 ) 


( 1 ) 


( 2 ) 


( 3 ) 


( 6 ) 


दंतेवाड़ा 


बांगापाल 


1.27 


दक्षिण बस्तर 
दन्तेवाड़ा. 


मेजर/ कमान अधिकारी , सीमा 
सड़क संगठन, केम्प कारली 
( गीदम ). 


राष्ट्रीय राजमार्ग 16 के चौड़ी 
करण एवं सुदृढ़ीकरण . 


*** 


350 


छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 18 मार्च 2005 


[ भाग 1 


दन्तेवाड़ा, दिनांक 21 दिसम्बर 2004 


क्रमांक 10073 / क/ भू - अर्जन / अ -82 / 2004-05: - चूंकि राज्य शासन को यह प्रतीत होता है कि इससे संलग्न अनुसूची के खाने ( 1 ) से ( 4 ) 
में वर्णित भूमि की अनुसूची के खाने ( 6 ) में उसके सामने दिये गये सार्वजनिक प्रयोजन के लिये आवश्यकता है , अथवा आवश्यकता पड़ने की संभावना 
है . अत : भू - अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक 1 सन् 1894 ) की धारा 4 की उपधारा ( 1 ) के उपबन्धों के अनुसार इसके द्वारा सभी संबंधित व्यक्तियों 
को इस आशय की सूचना दी जाती है कि राज्य शासन , इसके द्वारा, इस अनुसूची के खाने ( 5 ) में उल्लेखित अधिकारी को उक्त भूमि के संबंध में उक्त 
धारा 4 को उपधारा ( 2 ) द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के लिए प्राधिकृत करता है. राज्य शासन यह भी निर्देश देता है कि उक्त अधिनियम 
की धारा 5- ( अ ) के उपबन्ध उक्त भूमि के संबंध में लागू नहीं होंगे, क्योंकि उसकी राय में उक्त अधिनियम की धारा 17 को उपधारा ( 1 ) के उपबंध 
उसके संबंध लागू होते हैं 


.. 


अनुसूची 


भूमि का वर्णन 


धारा 4 की उपधारा ( 2 ) 


सार्वजनिक प्रयोजन , 


_____... 


जिला 


तहसील 


नगर/ ग्राम 


के द्वारा 


का वर्णन 


लगभग क्षेत्रफल 
( हेक्टेयर में ) 

( 4 ) 


( 1 ) 


( 2 ) 


प्राधिकृत अधिकारी 

( 5 ) 


( 3 ) 


( 6 ) 


दक्षिण बस्तर 


दंतेवाड़ा 


बड़ेतुमनार 


3.68 


राष्ट्रीय राजमार्ग 16 के चौडो-. 


मेजर, कमान अधिकारी, सीमा , 
सड़क संगठन, कारला: 


करण एव सुदृढ़ाकरण . 


छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, 

के . आर. पिस्दा, कलेक्टर एवं पदेन उप - सचिव. 


खसरा नम्बर 


कार्यालय ; कलेक्टर , जिला दुर्ग , छत्तीसगढ़ एवं 
पदेन उप - सचिव, छत्तीसगढ़ शासन ,, 

राजस्व विभाग 


रकबा 
( हेक्टेयर में ) 

( 2 ) 


( 1 ) . 


81 


दुर्ग , दिनांक 21 जुलाई 2004 


0.11 


82 


0.10 


0.02 


83 
94 


0.62 


95/2 


0.01 


क्रमांक 358/ अ -82/ भू - अर्जन/2004. - चूंकि राज्य शासन को इस 
बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद (1 ) में 
वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन 
के लिए आवश्यकता. है. अत : भू - अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक 
1 सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता 
है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है 


84/2 . 


0.09 


7 


86/1 


0.13 .. 


0:13 


85/2 . 
ราย 


7. " 


0.01 


अनुसूची. 


: 109/3 


0.01 . 


72 


0.04 


142 


0.03 


141 


:: 0.07 


17 


( 1 ) भूमि का वर्णन 

( क ).जिला - दुर्ग 
( ख ) तहसील - बेमेतरा 
( ग) नगर/ ग्राम -तिलईकुड़ा, प. ह. नं. 28 
( घ ) लगभग क्षेत्रफल-1.76 हेक्टेयर 


140 


0.06 


132/3 


0.01 


137/3 


0.01 


भाग 1 ] 


छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 18 मार्च 2005 


351 


( 1 ) 


( 2 ) 


दुर्ग, दिनांक 15 अक्टूबर 2004 


133 


0.11 


134/1 


0.03 


134/2 


0.13 


क्रमांक 675/ अ -82 / भू- अर्जन /2004.- चूंकि राज्य शासन को इस 
बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में 
वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन 
के लिए आवश्यकता है. अत : भू - अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक 
3 सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता 
है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है : 


137/1 


0.04 


योग 


1.76 


अनुसूची 


( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है - हथमुड़ी व्यपवर्तन 

योजना के मुख्य नहर के अंतर्गत तिलईकुड़ा माइनर निर्माण, 


( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी 

कार्यालय बेमेतरा में किया जा सकता है . 


( 1 ) भूमि का वर्णन 

( क ) जिला - दुर्ग 
( ख ) तहसील - धमधा 
( ग ) नगर/ ग्राम - पथरिया, प. ह. नं . 29 
( घ ) लगभग क्षेत्रफल -0.09 हेक्टेयर 


दुर्ग, दिनांक 13 अक्टूबर 2004 


खसरा नम्बर 


रकबा 


( हेक्टेयर में ) . 


( 1 ) . 


( 2 ) 


क्रमांक 666 / अ -82/ भू - अर्जन /2004. -चूंकि राज्य शासन को इस 
बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में 
वर्णित भूमि को अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लखित सार्वजनिक प्रयोजन 
के लिए आवश्यकता है. अत : भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक 
1 सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता 
है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है : 


02 


0.09 


....... 


योग 


0.09 


अनुसूची 


( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है -शिवनाथ नदी 

सेतु पहुंच मार्गनिर्माण हेतुं. 


( 1 ) भूमि का वर्णन 

( क ) जिला - दुर्ग 
( ख ) तहसील - दुर्ग 
( ग ). नगर/ ग्राम - चंगोरी, प. ह. नं. 21 
( घ ) लगभग क्षेत्रफल -0.17 हेक्टेयर 


( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी 

( राजस्व ), दुर्ग, मुख्यालय दुर्ग के कार्यालय में किया जा सकता 


खसरा नम्बर 


रकबा 
( हेक्टेयर में ) 

( 2 ) 


छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, 

जवाहर श्रीवास्तव, कलेक्टर एवं पदेन उप - सचिव , 


( 1 ) 


कार्यालय, कलेक्टर, जिला महासमुंद, छत्तीसगढ़ 
एवं पदेन उप - सचिव, छत्तीसगढ़ शासन, 

राजस्व विभाग 


302/2 


0.01 


373 


0.08 


382 


0.08 


महासमुन्द, दिनांक .21 जुलाई 2004 


योग 


0.17 


( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है - अंजोरा - चंगोरी 

मार्ग पर चंगोरी नाला सेतु निर्माण के पहुंच मार्ग हेतु. 


क्रमांक 275/ क/ 47/ 8/82/ अ.वि.अ. / भू - अर्जन/ 2002-03 .-- चूंकि 
राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची 
के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित 
सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू - अर्जन 

अधिनियम, 1894 ( क्रमांक 1 सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके 
द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि को उक्त प्रयोजन के लिए 
आवश्यकता है 


( 3 ) भूमि के नक्शे ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी 
• ( राजस्व ), दुर्ग, मुख्यालय दुर्ग के कार्यालय में किया जा सकता 
है . 


: 


352 


छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 18 मार्च 2005 


[ भाग 1 


अनुसूची 


( 1 ) 


( 2 ) 


191/1 


0.10 


( 1 ) भूमि का वर्णन 

( क ) जिला - महासमुन्द 
( ख ) तहसील - महासमुन्द 
( ग ) नगर/ ग्राम - कछारडीह , प . ह. नं . 12 
( घ ) लगभग क्षेत्रफल -2.45 हेक्टेयर 


220 


0.15 


232/2 


0.03 


0.02 


232/3 


0.11 


खसरा नम्बर 


0.02 


232/3 


रकबा 
( हेक्टेयर में ) 

( 2 ) 


0.10 


( i ) 


0.02 


0.01 


83 


0.061 


175 


0.04 


0.01 


0.02 


176 
200/2 


84 


0.21 


0.03 


109 


0.05 


0.01 
0.01 


113 


0.07 


114 


0.09 . 


योग 


0.011 


30 


2.45 


116 


0.04 


117/3 


0.08 


( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है - कछार 

डोह जलाशय के बायीं पट नहर निर्माण हेतु. 


128 


0.06 
0.16- 


129/3 


. 


0.03 


( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी 

एवं भू - अर्जन अधिकारी, महासमुन्द के कार्यालय में किया जा 
सकता है . 


0.01 


177 


0.06 


+ 


.173 


0.08 


178 


0.06 । 


0.02 


173 


0.09 


महासमुन्द, दिनांक 11 अगस्त 2004 


178 


0.07 


182 


0.01 


179 


0.071 


0.03 


क्रमांक 318/ क/07/ 8/ 82/ अ.वि.अ. / भू - अर्जन / 2003-04. ~~ चूंकि 
राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची 
के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित 
सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू - अर्जन 
अधिनियम, 1894 ( क्रमांक 1 सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके 
द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए 
आवश्यकता है 


0.00 


215 


0.03 


0.01 . 


܀܀ 


183 


0.07 


0.04 


0.03 


अनुसूची 


0.031 


191/11 


0.12 


192 


0.02 


364/626 


0.01 


( 1 ) भूमि का वर्णन 

( क ) जिला - महासमुन्द 
( ख ) तहसील - महासमुन्द 
( ग ) नगर / ग्राम - धरमपुर, प. ह. नं . 116 
( घ ) लगभग क्षेत्रफल -1.00 हेक्टेयर 


264/626 


0.02 


0.01 


0.01 ! 


+ 


. 


भाग 1 ] 


छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 18 मार्च 2005 


* 353 


खसरा नम्बर 


खसरा नम्बर 


रकबा 
( हेक्टेयर में ) 

( 2 ) 


रकबा 
( हेक्टेयर में ) 

( 2 ) 


( 1 ) 


( 1 ) 


432 


0.01 


06 


1.38 


418 


0.02 
0.06 


419 
420 


113 
7/1 
02 
76 


0.02 


0.03 


427/2 
425 


19 . 


। 


0.01 


20 


411 


0.20 


69 


426/1 


0.12 


136 . 


387 


0.08 


144 


70 


0.04 


21 


72 


0.09 


68 


69 


0.03 


70 


59 


0.02 


0.10 
0.34 
0.14 
0.41 
0.36 
0.30 
0.30 
0.09 
0.08 
0.53 
0.34 
0.43 
0.30 
0.25 
0.30 
0.19 

0.46 
-0.05 

0.05 
0.13 
0.08 
0.17 
0.19 
0.05 


35 


.0.05 


305 
72 


34 


0.02 


105 


24 


. 


0.20 


106 


योग 


16 


1.00 


112 
298 


138 


. 


143 


( 2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है- धरमपुर 

जलाशय योजना के अंतर्गत बायीं तट नहर निर्माण हेतु. 


114 


140 


135 


139 


( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी 

एवं भू - अर्जन अधिकारी, महासमुन्द के कार्यालय में किया जा 
सकता है . 


67/30 


137 - 


0.56 
0.05 
0.11 
0.08 


महासमुन्द, दिनांक 31 अगस्त 2004 


0.08 


0.49 


142 
145 

49/5 
49/3, 51/2 

28/3 
4/1 
51/1 
14/ 2 ख 


क्रमांक 334/ अ.वि.अ./ भू - अर्जन /22 - / 82 सन् 2003-04.- चूंकि 
राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची 
के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि को अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित 
सार्वजनिक प्रयोजन के लिए . आवश्यकता है. अतः भू - अर्जन 
अधिनियम, 1894 (क्रमांक 1 सन् 1894 ) की धारा 6 ( 1 ) के अंतर्गत 
इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के 
लिए आवश्यकता है : 


1.14 


0.16 
0.21 
0.10 


5 


0.16 


6 


0.02 


योग 


10.18. 


अनुसूची 


( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है-सिरको 

जलाशय योजना के डुबान क्षेत्र हेतु . 


£ 


( 1 ) भूमि का वर्णन 

( क ) जिला - महासमुन्द 
( ख ) तहसील - महासमुन्द 
( ग ) नगर/ ग्राम - नवागांव , प. ह. नं. 42 
( घ ) लगभग क्षेत्रफल -10.18 हेक्टेयर 


( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी 

एवं भू - अर्जन अधिकारी, महासमुन्द के कार्यालय में किया जा 
सकता है . 


- ., . , 


354 


छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 18 मार्च 2005 


[ भाग 1 


महासमुन्द, दिनांक 16 सितम्बर 2004 


अनुसूची 


क्रमांक 358/ अ.वि.अ./ भू - अर्जन/ 20 - /82 सन् 2003-04.- चूंकि 
राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची 
के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित 
सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू - अर्जन 
अधिनियम , 1894 ( क्रमांक 1 सन् 1894 ) की धारा 6 ( 1 ) के अंतर्गत 
इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के 
लिए आवश्यकता है : 


( 1 ) भूमि का वर्णन 

( क ) जिला- महासमुन्द 
( ख ) तहसील - महासमुन्द 
( ग ) नगर/ ग्राम - बनियातोरा , प. ह. नं . 113/60 
( घ ) लगभग क्षेत्रफल-2.08 हेक्टेयर 


-- 


: 


खसरा नम्बर 


अनुसूची 


रकबा 
( हेक्टेयर में ) 

( 2 ) 


( 1) 


249 


0.02 


250 


0.16 


( 1 ) भूमि का वर्णन 

( क ) जिला - महासमुन्द 
( ख ) तहसील - महासमुन्द 
( ग ) नगर/ ग्राम - पेण्ड्रावन , प. ह . नं. 42 
( घ ) लगभग क्षेत्रफल -1.04 हेक्टेयर . 


278 


0.06 


26.1 


0.03 


262 


0.06 


263 


0.06 


खसरा नम्बर 


264 


0.01 


रकबा 
( हेक्टेयर में ) 

( 2 ) . 


265 


0.19 


( 1 ) 


271 


0.03 


281 


0.12 


1352 


0.63 


272 


0.01 . 


1343 


0.20 


1344 


0.21 


96 


0.48 


। 


273 


0.14 


योग 


3 


1.04 


279 


0.01 


136 


0.01 


. 


283 


0.06 


( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है - सिरको 

जलाशय योजना के डुबान क्षेत्र हेतु. 


04 


0.03 


293 


0.01 
0.01 


284 


( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी 

एवं भू - अर्जन अधिकारी, महासमुन्द के कार्यालय में किया जा 
सकता है . 


03 


0.05 


97 


0.02 


292/1 


0.02 


286 


0.03 


महासमुन्द, दिनांक 16 सितम्बर 2004 


• 2/1 


0.04 


287 


0.03 


144 


0.05 


143 


0.03 


142 


क्रमांक 359 / अ.वि.अ. /भू - अर्जन /11-8/82 सन् 2003-04: -- चूंकि 
राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची 
के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित 
सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू - अर्जन 
अधिनियम, 1894 (क्रमांक 1 सन् 1894 ) की धारा 6 ( 1 ) के अंतर्गत 
इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के 
लिए आवश्यकता है : 


0.02 
0.08 


138 


43 


0.06 


2/2 


0.04 


भाग 1 ] 


छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 18 मार्च 2005 


. 


355 


( 1 ) 


( 2 ) 


• ( 2 ) 


( 1 ) 


415 - 


0.06 


270 


0.07 


409 


0.02 


277 


0.02 


0.01 


418 


139 


0.01 


424 . 


0.06 


130 


0.01 


410 


0.01 


योग 


422 


35 


2.08 


0.03 
0.01 


70 


72 


0.03 


( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है - अपर 

जोंक परियोजना के माइनर क्र . 4 के निर्माण हेतु. 


417 . 


0.05 


423 


0.09 . 


425 


0.05 


66 


0.05 


( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी 

एवं भू - अर्जन अधिकारी, महासमुन्द के कार्यालय में किया जा 
सकता है. 


426 


0.01 


325 


0.22 


112 


0.06 


111 


0.03 


महासमुन्द, दिनांक 16 सितम्बर 2004 


110 


.. 


0.09 
0.03 . 


51 


0.01 


106 
107 


0.01 


क्रमांक 360/ अ.वि.अ. / भू - अर्जन/ 10 - / 82 सन् 2003-04.- चूंकि 
राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची 
के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित 
सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू - अर्जन 
अधिनियम, 1894 (क्रमांक 1 सन् 1894 ) की धारा 6 ( 1 ) के अंतर्गत 
इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के 
लिए आवश्यकता है : 


52 


0.05 


79 


0.03 


126 


0.03 


। 


74 


0.01 


30 


.0.05 


अनुसूची 


. 


69 


0.05 


37 


0.22 


67 


0.02 


50 


0.01 


( 1 ) भूमि का वर्णन 

( क ) जिला - महासमुन्द 
( ख ) तहसील - महासमुन्द 
( ग ) नगर/ ग्राम - राटापाली , प. ह. नं. 112/59 
( घ ) लगभग क्षेत्रफल -1.77 हेक्टेयर 


60 


0.04 


59 


0.06 


58 


0.07 


71 


0.02 


खसरा नम्बर 


73 


0.02 


रकबा 
( हेक्टेयर में ) 

( 2 ) 


( 1 ) 


योग 


39 


1.77 


414 


0.07 
0.04 


( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है - अपर 

जोंक परियोजना के माइनर क्र . 5 के निर्माण हेतु. 


416 


402 


0.01 


108 


0.02 


413 


0:02 . , 


( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी 

एवं भू - अर्जन अधिकारी, महासमुन्द के कार्यालय में किया जा 
सकता है . 


. 


- 


. 


- 


356 


छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 18 मार्च 2005 


[ भाग 1 


महासमुन्द, दिनांक 16 सितम्बर 2004 


महासमुन्द, दिनांक 2 दिसम्बर 2004 


क्रमांक 362/ अ.वि.अ. / भू - अर्जन /13- अ/ 82 सन् 2003-04.-- चूंकि 
राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची 
के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित 
सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है . अतः भू - अर्जन 
अधिनियम , 1894 (क्रमांक 1 सन् 1894 ) की धारा 6 ( 1 ) के अंतर्गत 
इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि को उक्त प्रयोजन के . 
लिए आवश्यकता है : 


क्रमांक 452 / भू - अर्जन/ अ.वि.अ. / 51- / 82 सन् 2003-04.- चूंकि 
राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची 
के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद (2 ) में उल्लेखित 
सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू - अर्जन 
अधिनियम, 1894 (क्रमांक 1 सन् 1894 ) की धारा 6 ( 1 ) के अंतर्गत 
इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि को उक्त प्रयोजन के 
लिए आवश्यकता है : 


अनुसूची 


अनुसूची 


- 


( 1 ) भूमि का वर्णन 

( क ) जिला - महासमुन्द 
( ख ) तहसील - महासमुन्द 
( ग ) नगर/ग्राम - पण्डरीपानी, प. ह. नं. 113/60 
( घ ) लगभग क्षेत्रफल-0.98 हेक्टेयर 


( 1 ) भूमि का वर्णन 

( क ) जिला - महासमुन्द . 
( ख ) तहसील - महासमुन्द 
( ग ) नगर / ग्राम - नांदगांव , प. ह . नं . 144 
( घ ) लगभग क्षेत्रफल -48.45 हेक्टेयर 


खसरा नम्बर 


खसरा नम्बर 


रकबा 
( हेक्टेयर में ) 

( 2 ) 


रकबा 
( हेक्टेयर में ) 

( 2 ) 


( 1 ) 


( 1 ) 


माइनर नं . - 4 


2998 


0.30 


2638 


0.02 


459 


0.13 


2644 


0.02 


635 . 


0.07 


2646/1. 


0.07 


634 


0.18 . 


3030 


0.27 


629 


0.11 


2854 


0.08 


456 


0.01 


2943 


0.08 


2939 


0.09 


माइनर नं. - 5 


2840 


0.05 


3022 


0.18 


141 


0.19 


3025 


0.04 


152 


0.13 


2813 


0.04 


. 


149 


0.01 


2848 


.0.17 


.151 


0.09 


2657 


0.24 


153 


0.06 


2824 


0.05 


2830 


" 


0.09 


योग 


10 


0.98 


2821 


0.07 


2823 


0.11 


2941 


0.04 


( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है - अपर 

जोंक परियोजना के माइनर क्र . 4 एवं 5 के निर्माण हेतु. 


2845 


0.13 


2861 


0.18 


2805 


0.07 


( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी 

एवं भू - अर्जन अधिकारी, महासमुन्द के कार्यालय में किया जा 
सकता है . 


3114 


0.14 


. 


भाग 1 ] 


छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 18 मार्च 2005 


357 


. 


( 1 ) 


( 2 ) 


( 1 ) 


( 2 ) 


3021 


0.07 


2829 


0.07 


2851 


0.29 


3027 


0.27 


2852 


0.08 


2826 


-0.02 


2938 


.0.16 


2825 


0.06 


2859 


0.12 


2828 


0.26 


2808 


0.06 


2837 


0.04 


2807 


0.05 


2856 


0.14 


2844 


0.09 , 


2652 


0.03 


2855 


0.10 


2831 


0.09 


2634 


0.10 


2850 


0.34 


2997/2 


0.17 


2811 


0.09 


2836 


0.22 


2815 


0.13 


2806 


0.08 


2857 


0.12 


2627 


0.05 


2858 


0.16 


2629 


0.05 


2843 


0.13 


2800 


0.07 


2803 


0.04 


2812 


0.07 


2645 


0.05 


2839 


0.10 


2653 


0.05 . 


2838 


0.04 


2804 


0.09 


3113 


0.20 


2847 


0.02 


3117 


0.69 


2818 


0.18 


2817 


0.04 


2606 


0.40 


2942 


0.04 


2628 


0.15 


2997/1 


0.18 


2630 


0.15 


2815 


0.05 


2651 


0.03 


2841 


0.08 


2646/2 


0.01 


2842 


0.03 


2999 


0.12 


2846 


0.11 


3111 


0.40 


3024 


0.05 


0.19 


2940 


0.27 


3116 


0.21 


3000 


0.25 


2827 


0.05 


3026 


0.04 


2834 


0.12 


0.08 


2853 


0.08 


3031 
2860 


0.03 


2631 


0.07 


2802 


0.02 


3010 


0.29 
0.12 


3023 


0.05 . 


3011 


2822 


0.13 


151 


4.55 


2809 


0.07 


2637 


2.00 


2814 


0.04 


2789 


1361 


2816 


0.25 


2820 


0.10 


2849 


0.13 


2785 


0.59 


2864 


0.06 


2786 


6.63 


2801 


0.03 


2 


7.78 


358 


छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 18 मार्च 2005 


[ भाग 1 


. 


( 1 ) 


( 2 ) 


( 1 ) 


( 2 ) 


146 


1.00 


• 572 


0.22 


658 


0.12 


योग 


, 109 


48.45 


668/1 


0.18 


543 


0.20 


555 


0.04 . 


( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है - राजीव 

संवर्धन योजना के अंतर्गत डूबान क्षेत्र हेतु . 


569 


0.04 
0.15 


657 


659 


0.04 


( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी 

एवं भू - अर्जन अधिकारी, महासमुन्द के कार्यालय में किया जा 
सकता है. 


680 


2.77 


681 


0.20 


योग 


19 


5.07 


महासमुन्द, दिनांक 2 दिसम्बर 2004 


( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है - राजीव 

संवर्धन योजना के अंतर्गत डूबान क्षेत्र हेतु. 


. 


क्रमांक 453 / भू - अर्जन / अ.वि.अ./ 50-8/ 82 सन् 2003-04.- चूंकि 
राज्य शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची 
के पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित 
सार्वजनिक प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू - अर्जन 
अधिनियम , 1894 ( क्रमांक 1 सन् 1894 ) को धारा 6 ( 1 ) के अंतर्गत 
इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के 
लिए आवश्यकता है : 


( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी 

एवं भू- अर्जन अधिकारी, महासमुन्द के कार्यालय में किया जा 
सकता है. 


छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, 

एमः के . त्यागी, कलेक्टर एवं पदेन उप - सचिव. 


. 


अनुसूची 


( 1 ) भूमि का वर्णन 

( क ) जिला- महासमुन्द 
( ख ) तहसील - महासमुन्द 
( ग ) नगर/ ग्राम -मुढेना , प. ह. नं . 144 
( घ ) लगभग क्षेत्रफल-5.07 हेक्टेयर 


कार्यालय , कलेक्टर, जिला बस्तर जगदलपुर, 
छत्तीसगढ़ एवं पदेन उप - सचिव, छत्तीसगढ़ शासन, 

राजस्व विभाग 


जगदलपुर, दिनांक 27 सितम्बर 2004 


खसरा नम्बर 


. 


रकबा 
( हेक्टेयर में ) 

( 2 ) 


( 1 ) 


क्रमांक क/ भू - अर्जन /1/ अ-82 /03-04 /04. - चूंकि राज्य शासन 
को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) 
में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन 
के लिए आवश्यकता है. अतः भू - अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक 
1 सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता 
है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता है 


541 


0.07 . 


556 


0.11 


0.28 


542 
667 


अनुसूची 


0.25 


557 


0.08 


553 


0.03 


554 


0.03 
0.08 


570 


( 1 ).भूमि का वर्णन 

( क ) जिला- बस्तर 
( ख ) तहसील - कोंडागांव 
( ग ) नगर/ ग्राम - बड़ेडोंगर, प. ह. नं . 12 
( घ ) लगभग क्षेत्रफल-2.223 हेक्टेयर . 


571 


0.18 


. 


भाग 1 ] 


छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 18 मार्च 2005 


359 


खसरा नम्बर 


खसरा नम्बर 


रकबा 


रकबा 
( हेक्टेयर में ) 

( 2 ) 


( हेक्टेयर में ) 

( 2 ) 


( 1 ) . 


( 1 ) 


179/2 


0.324 


65 


0.062 


159 


0.062 


164 


0.002 


179/3 
.179 / 4 
179/5 
180/1 
180/2 . 
180/3 
180/4 


0.381 
0.243 . 
0.567 
0.178 
0.174 
0.178 
0.178 


126 


0.141 


204,212/ 1 


0.076 


66/1 


0.048 


69 


0.024 


योग 


8 


2.223 


71 


0.022 . 


147 


0.109 . 


( 2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए भूमि की आवश्यकता है - बड़े 

डोंगर जलाशय क्रमांक -2 की अतिरिक्त डूबान क्षेत्र हेतु . 


162 


0.002 


204 , 212/2 


0.076 


70 


0.036 


154/2 


0.022 


( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) आदि का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी 

( रा .)/ भू - अर्जन अधिकारी कोण्डागांव अथवा संबंधित विभाग के 
कार्यालय में किया जा सकता है. 


203 , 220/1 


0.196 


72 


0.056 
0.044 


127, 128 


छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , 
दिनेश कुमार श्रीवास्तव , कलेक्टर एवं पदेन उप - सचिव, 


216,217 / 1 


0.044 


217, 218/2 


0.068 


131/3 


0.056 


कार्यालय , कलेक्टर, जिला रायगढ़ , छत्तीसगढ़ एवं . 
पदेन उप सचिव , छत्तीसगढ़ शासन, 

राजस्व विभाग 


122 


0.064 


। 144 


0.056 


168, 169 


0.076 


123 


0.036 


. 


रायगढ़ , दिनांक 22 जुलाई 2004 


. 


145/1 


0.044 


149 


0.020 


154/ 


0.044 


भू - अर्जन प्रकरण क्रमांक 03 / अ -82/2003-04.- चूंकि राज्य 
शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के 
पद ( 1 ) में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक 
प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अत: भू - अर्जन अधिनियम, 1984 
( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोपित 
किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता 


161/1 


0.002 


163/2 


0.002 . 


124 


0.005 


योग 


1.515 


अनुसूची 


( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है - कालाबूंटा 

जलाशय निर्माण हेतु भू - अर्जन . 


( 1 ) भूमि का वर्णन 

( क ) जिला- रायगढ़ 
( ख ) तहसील - सारंगढ़ 
( ग ) नगर/ ग्राम - कालाखूटा 
( घ ) लगभग क्षेत्रफल -1.515 हेक्टेयर 


( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी 
( राजस्व ) एवं भू - अर्जन अधिकारी, सारंगढ़ के कार्यालय में देखा 
जा सकता है . 


. 


360 


छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 18 मार्च 2005 


[ भाग 1 


रायगढ़ , दिनांक 22 जुलाई 2004 


. 


कार्यालय, कलेक्टर , जिला कोरबा, छत्तीसगढ़ एवं 
पदेन उप - सचिव, छत्तीसगढ़.शासन , 

राजस्व विभाग 


भू - अर्जन प्रकरण क्रमांक 04/ अ -82/2003-04.- चूंकि राज्य 
शासन को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के 
पद ( 1 ) में वर्णित भूमि को अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक 
प्रयोजन के लिए आवश्यकता है. अतः भू - अर्जन अधिनियम, 1984 
( क्रमांक एक सन् 1894 ) की धारा 6 के अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित 
किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के लिए आवश्यकता 


कोरबा, दिनांक 25 नवंबर 2004 


है : 


अनुसूची 


प्र. क्र . 04/ अ -82/03-04/ भू - अर्जन /13869.-- चूंकि राज्य शासन 
को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) 
में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन 
के लिए आवश्यकता है. अत : भू - अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक 
1 सन् 1894 ) संशोधित भू - अर्जन अधिनियम , 1984 की धारा 6 के 
अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त 
प्रयोजन के लिए आवश्यकता है : 


.: 


( 1 ) भूमि का वर्णन 

( क ) जिला - रायगढ़ 
( ख ) तहसील - सारंगढ़ 
( ग ) नगर/ ग्राम - केरमेली 
( घ ) लगभग क्षेत्रफल-2.189 हेक्टेयर 


अनुसूची 


. 


. 


खसरा नम्बर 


रकबा 


( 1 ) भूमि का वर्णन 

( क ) जिला - कोरबा 
( ख ) तहसील - कोरबा 
( ग ) नगर/ ग्राम - रामपुर, प. ह. नं. 4 
( घ ) लगभग क्षेत्रफल -1.171 हेक्टेयर 


( हेक्टेयर में ) 

( 2 ) 


( 1 ) 


. 


खसरा नम्बर 


रकबा 
( हेक्टेयर में ) 

( 2 ) 


( 1) . 


39 / 1,40 / 1,41/ 2 क , 42/2 क 

56/2 

56/2 क 
39/1 , 40/1 , 41/2 क , 42/2 क 
39/2, 40/2 , 41/2 ख , 42/2 ख 

65/2 ख 
41/1 
42/1 
65/3 
56/1 

66 
67 / 1 क 
67/ 1 ख 
43/1 . 


.0.198 

0.061 
0.174 
0.138 
0.344 
0.045 
0.198 
" 0.150 
0.202 
0.121 
0.194 
0.142 
0.142 
0.080 


119 . 


0.283 


120 


0.728 


121/1 


0.04 


161/1 , 165/1 , 166/1 


0.060 


161/3, 165/3, 166/3 


0.030 


योग 


14 


2.189 


161/2, 165/2, 166/2 


0.030 


( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है - कालाखूटा 

जलाशय के डूबान क्षेत्र का भू - अर्जन . 


योग 


1.171 


( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी, 
( राजस्व ) एवं भू - अर्जन अधिकारी, सारंगढ़ के कार्यालय में देखा 
जा सकता है . 


( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है - कोरबा पूर्व ताप 

विद्युत गृह 2 x 250 मेगावाट हेतु राखड़ पाईप लाईन का निर्माण . 


छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, 

सुबोध कुमार सिंह , कलेक्टर एवं पदेन उप - सचिव. 


( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं 

भू - अर्जन अधिकारी, कोरबा के कार्यालय में देखा जा सकता है. 


. 


भाग 1 ] 


छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 18 मार्च 2005 


361 


कोरबा, दिनांक 25 नवंबर 2004 


( 1 ) 


( 2 ) . 


34712 


0.053 


347/4 


0.053 


L 


352/3 


0.049 


प्र. क्र . 05/ अ -82/ 03-04/ भू - अर्जन / 13870. - चूंकि राज्य शासन 
को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) 
में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन 
के लिए आवश्यकता है. अतः भू - अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक 
1 सन् 1894 ) संशोधित भू - अर्जन अधिनियम, 1984 की धारा 6 के 
अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि को उक्त 
प्रयोजन के लिए आवश्यकता है : 


0.227 


357/1, 358/1, 360 / 1,379/ 1 ,I:. 

382 / 1,383/ 1 


378/1 


0.087 


380/2 


0.085 


361, 373, 374 , 375, 


अनुसूची 


0.283 


376, 377 


371 


0.020 


372 


0.020 


. 


476/10 , 477/5, 482/1 ट 


0.049 


( 1 ) भूमि का वर्णन 

क ) जिला - कोरबा 
( ख ) तहसील - कोरबा 
( ग ) नगर /ग्राम -रिस्दी, प. ह. नं . 4 
( घ ) लगभग क्षेत्रफल -2.737 हेक्टेयर 


योग 


2.737 


खसरा नम्बर 


( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है - कोरबा पूर्व ताप 

विद्युत गृह 2 x 250 मेगावाट हेतु राखड़ पाईप लाईन का निर्माण. 


रकबा 
( हेक्टेयर में ) 

( 2 ) 


( 1 ) 


( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं 

भू - अर्जन अधिकारी, कोरबा के कार्यालय में देखा जा सकता है. 


300 


0.049 


309/1 


0.089 


कोरबा, दिनांक 25 नवंबर 2004 


309/2 


0.089 


470, 482/1 ब 


0.016 


471/2 


0.081 


471/3 


0.081 


475/1 


0.170 


प्र. क्र . 07/ अ -82/ 03-04/ भू - अर्जन / 13871. - चूंकि राज्य शासन 
को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) 
में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन 
के लिए आवश्यकता है. अत : भू - अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक 
1 सन् 1894 ) संशोधित भू - अर्जन अधिनियम, 1984 की धारा 6 के 
अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त 
प्रयोजन के लिए आवश्यकता है 


476/4 


0.020 


0.020 


476/5 
476/11 क , 477 / 6 , 482/1 ख 

476/3 


0.081 


0.040 


476/7 


0.040 


अनुसूची 


479 , 480, 481, 482/1 ङ 


0.222 


384 


0.020 


0.109 


385 
484/1, 485/1 
484/2, 485/2 


0.162 
0.182 


( 1 ) भूमि का वर्णन 

( क ) जिला- कोरबा 
( ख ) तहसील - कोरबा 
( ग ) नगर/ ग्राम - झगरहा, प.ह.नं. 10 
( घ ) लगभग क्षेत्रफल -3.789 हेक्टेयर 


486/1 


0.020 


0.049 


493 
494/2 


0.049 


खसरा नम्बर 


502/1 


0.061 


रकबा 
( हेक्टेयर में ) 

( 2 ) 


502/5 


0.020 


( 1 ) 


0.030 


503/1 , 510 
386/1, 388 , 495/2 , 496 , 
497 , 500 , 501/1 , 502/3 


0.111 


6.049 


46/3 


0.049 


- 


362 


छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 18 मार्च 2005 


[ भाग 1 


( 1 ) 


( 2 ) 


खसरा नम्बर 


रकबा 
हेक्टेयर में ) 

( 2 ) 


7 


0.049 


( 1 ) 


0.162 


5/1 
33/2 


0.218 


0.077 


20/1 
57 


14/7 


.0.049 


0.146 


14/8 


0.069 


29/3 


0.061 


30/2 


0.198 


11/2 


0.113 


42/7 


0.137 
0.377 


8/2 


0.113 


30/1 


242 


0.170 


49/2 . 
30/14 , 30/15 

42/9 


9 


0.162 


8/3 


0.138 


0.450 
0.097 
0.117. 
0.012 . 
0.251 
0.012 


13/5 


: 8/1 


0.121 


14/2 


111/1 


0.186 


14/3 


22/1 


0.040 


0.142 


22/2 


0.053 


50, 67/1 
34/26 
42/8 
34/22 


194/1 


0.190 
0.202 


29 . 


0.198 
0.008 
0.170 
0.599 
0.425 . 


126 


0.105 


39/1 


400 


196/2 


. 


0,170 


13/1 


0.146 


योग . 


3.789 


योग 


17 


2.193 


( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है - कोरबा पूर्व ताप 

विद्युत गृह 2 x 250 मेगावाट हेतु राखड़ पाईप लाईन का निर्माण. 


( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है - कोरबा पूर्व ताप 

विद्युत गृह 2 x 250 मेगावाट हेतु राखड़ पाईप लाईन का निर्माण , 


( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं 

भू - अर्जन अधिकारी, कोरबा के कार्यालय में देखा जा सकता है. 


( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं 

भू - अर्जन अधिकारी, कोरबा के कार्यालय में देखा जा सकता है. 


. 


- 


ग 


कोरबा, दिनांक 25 नवंबर 2004 


. 


कोरबा, दिनांक 25 नवंबर 2004 


प्र. क्र . 03 / अ -82 /03-04/ भू- अर्जन /13872.- चूंकि राज्य शासन 
को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद .( 1 ) 
में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन 
के लिए आवश्यकता है. अतः भू - अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक 
1 सन् 1894 ) संशोधित भू - अर्जन अधिनियम, 1984 की धारा 6 के 
अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त 
प्रयोजन के लिए आवश्यकता है : 


प्र. क्र . 02 / अ -82 / 03-64/ भू - अर्जन / 13873.- चूंकि राज्य शासन 
को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचेदी गई अनुसूची के पद ( 1) 
में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन 
के लिए आवश्यकता है. अतः भू - अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक 
1 सन् 1894 ) संशोधित भू - अर्जन अधिनियम, 1984 की धारा 6 के 
अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त 
प्रयोजन के लिए आवश्यकता है 


.. 


अनुसूची 


( 1 ) भूमि का वर्णन 

( क ) जिला- कोरबा 
( ख ) तहसील - कोरबा 
( ग ) नगर/ ग्राम - भुलसीडीह , प.ह.नं. 10 
( घ ) लगभग क्षेत्रफल-2.193 हेक्टेयर 


अनुसूची 
( 1 ) भूमि का वर्णन 

( क ) जिला - कोरबा 
( ख ) तहसील - कोरबा 
( ग ) नगर/ ग्राम - नकटीखार , प.ह.नं. 05 
( घ ) लगभग क्षेत्रफल-2.513 हेक्टेयर 


. 


भाग 1 ] , 


छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 18 मार्च 2005 


363 


. 


खसरा नम्बर 


. 


अनुसूची 


रकबा 
( हेक्टेयर में ) 

( 2 ) 


( 1 ) . 


139/2 


0.150 


( 1 ) भूमि का वर्णन 

क ) जिला- कोरबा 
( ख ) तहसील - कोरबा 
( ग ) नगर/ ग्राम - गोढ़ी , प.ह.नं. 05 
( घ ) .लगभग क्षेत्रफल-0.523 हेक्टेयर 


141/1 


0.032 


148 


0.097 
0.105 


149/2 


163/ 1 क 


खसरा नम्बर 


218 


0.186 
0.024 
0.113 


रकबा 
( हेक्टेयर में ) 

( 2 ) 


( 1 ) 


0.142 


190 
235/1, 235/2, 236/1 , 
237/1, 238/1 

240 / Z 


- 


0.154 


243/4 


0.142 
0.028 


240/3 


43/ 1 ख 

43/3 
43 / 7,8,9 

67/1 
63/1 
63/2 
63/3 

74/3 
76/1 ग , 77/3 


0.138 
0.045 
0.020 
0.024 
0.061 
0.049 
0.073 
0 :016 
0.097 . 


243/1 


0.170 


0.101 


247/2 
28714 


0.239 


248/1 
248/2 


0.045 
0.028 


योग 


0.523 


251 


0.227 


0.081 


254 
287 / 1 क 


0.121 


- 


( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है - कोरबा पूर्व ताप 

विद्युत गृह 2 x 250 मेगावाट हेतु राखड़ पाईप लाईन का निर्माण.. 


311/2 


0.008 


321/1 


400/6 


0.065 
0.020 
0.061 
0.016 


( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं 

भू - अर्जन अधिकारी, कोरबा के कार्यालय में देखा जा सकता है. 


159 


. 


311/1 ख 


कोरबा, दिनांक 25 नवंबर 2004 


1 


277/2 


0.158 


A 


योग 


2.513 


( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है - कोरबा पूर्व ताप 

विद्युत गृह 2 x 250 मेगावाट हेतु राखड़ पाईप लाईन का निर्माण. 


प्र. क्र . 08 / अ -82/03-04/ भू - अर्जन/ 13875. - चूंकि राज्य शासन 
को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) 
में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन 
के लिए आवश्यकता है. अत : भू - अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक 
1 सन् 1894 ) संशोधित भू - अर्जन अधिनियम, 1984 की धारा 6 के 
अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त 
प्रयोजन के लिए आवश्यकता है । 

अनुसूची 


( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं 

भू - अर्जन अधिकारी, कोरबा के कार्यालय में देखा जा सकता है. 


कोरबा, दिनांक 25 नवंबर 2004 


( 1 ) भूमि का वर्णन 

- ( क ) जिला- कोरबा 
( ख ) तहसील - कोरबा 
( ग ) नगर/ ग्राम - गोढी , प.ह.नं. 05 
( घ ) लगभग क्षेत्रफल-33.680 हेक्टेयर 


खसरा नम्बर 


प्र. क्र . 06/ अ-82 /03-04 / भू - अर्जन / 13874.- चूंकि राज्य शासन 
को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद (1 ) 
में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन 
के लिए आवश्यकता है. अतः भू - अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक 
1 सन् 1894 ) संशोधित भू - अर्जन अधिनियम, 1984 की धारा 6 के 
अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त 
प्रयोजन के लिए आवश्यकता है : 


रकबा 
( हेक्टेयर में ) 

( 2 ) 


( 1 ) 


. 


- 


78/1 


0.198 


1 


364 


छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 18 मार्च 2005 


[ भाग 1 


( 1 ) 


( 2 ) 


( 1 ) 


( 2 ) 


106/1 


0.012 


125/1 


0.089 


80 


0.348 


125/2 


0.121 


79/3 


0.526 


125/4 


0.129 


82 . 


0.858 


101/3 


0.105 


83/1 


0.785 


. 


2.342 


84/1 


0.077 


101/4, 101/6 , 101/7 , 101/9 , 

101/10 , 101/11, 122 


84/3 


0.162 


103 


0.344 


84/2 


0.081 


76/7 


0.283 


85 


0.020 


78/2 


0.049 


86/1 


* 0.146 


106/2 


0.008 


100/2 


0.057 


109/1 


.0.162 


101/5 


0.093 


109/2 


0.486 


102 


0.162 


111 


0.789 


101/2 


0.154 


110/1 


0.028 


101/8 


0.073 


112/1 


0.081 


86/2 


0 : 170 


86/6 


0.105 


87/2 


0.073 


99/1 


0.591 


90 


0.219 


100/1 


0.089 


95/2 


0.664 


110/2 


0.194 


91/1 


0.097 


112/2 


0.077 


108/1 


0.121 


113 


0.380 


91/2 


0.115 


114 


0.202 


87/1 


0.089 


115/1 


1.044 


8912 


0.040 


115/2 


0.040 


91/3 


0.115 


115/3 


0.004 


108/2 


0.121 


117/4 


0.526 


0.113 


88/1 
89/1 


0.121 


0.032 
0.073 


0.202 


93/1 


116/2 
124/1, 124/2, 126/1, 
209/1 , 209/2, 209/4, 
211/2 , 213/1, 218/1 , 

116/1 


93/2 


0.065 


93/4 


0.061 


0.121 


93/6 


0.065 


117/5 


0.081 


0.174 


127/2 , 128/2 

95/1 


117/6 


0.202 


0.121 


11717 


0.004 


96/1 


0.324 


121/2 


0.324 


98/1 ख 


41073 


0.384 


0.097 
0.170 


95/3 


416/3 


0.275 


95/4 


0.154 


0.318 


98/2 


0.202 


124/3, 126/2, 209/6 , 
211/3 , 213/3 , 218/2 

117/ 1 क 


96/2 


0.405 


0.142 . 


97 


1.197 


117/1 ख 


.0.162 


98/1 क 


117/1 ग 


0.024 
0.454 


0.081 


101/1 


117/3 


0.020 


भाग 1 ] 


छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 18 मार्च 2005 


365 


. 


-- 


( i ) 


( 2 ) 


( 1 ) 


( 2 ) 


117/2 


0.020 


125/5 


0.138 


117/8 


0.004 


409 


0.283 
0.109 


413 


0.012 


117/9 
121/1 


2.347 


0.121 
0.016 


123 


0.938 


416/1 
416/6 
416/7 
416/8 


0.057 


213/2 


0.032 


0.057 


214 


0.162 


410/1 


0.283 


125/3 


0.113 


416/9 . 


0117. 


129/3 


0.121 


410/2. 


0.142 


125/6 


0.113 


.. 


414 


0.142 


129/1 


0.049 


415 


0.235 


416/5 


0.113 


129/2 


0.093 


0.304 


130 


0.251 


411/1 
411/2 


0.259 


134/2 


0.308 


413/3 


0.121 


147/2 


0.016 


412 


0.376 


131/1 


0.299 


416/2 


0.109 


131/2 


0.380 


416/4 


0.032 


1132 


0.283 


133 


0.101 


योग 


. 


33.680 


: 


134/1 


0.652 


135 


0.040 


( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है - कोरबा पूर्व ताप 

विद्युत गृह 2 x 250 मेगावाट हेतु राखड़ बांध का निर्माण. 


134/3 


0.299 


211/1 


0.142 


212/1 


0.097 


( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं 

भू - अर्जन अधिकारी, कोरबा के कार्यालय में देखा जा सकता है . 


212/2 


0.243 


146 


0.182 


147/1 


0.016 


कोरबा, दिनांक 25 नवंबर 2004 


148 


0.097 


83/2 


0.809 


76/8 


0.202 


7714 


0.203 


0.283 


76/1 ग , 77/3 

86/3 


प्र. क्र . 01 / अ -82/03-04/ भू - अर्जन / 13876. - चूंकि राज्य शासन 
को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) 
में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन 
के लिए आवश्यकता है. अत : भू - अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक 
1 सन् 1894 ) संशोधित भू - अर्जन अधिनियम , 1984 की धारा 6 के 
अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त 
प्रयोजन के लिए आवश्यकता है 


0.040 


86/4 


0.138 


.. 


86/5 


0.129 


99/2 


0.486 


अनुसूची 


94 


0.202 
0.113 


88/2 


93/3 


0.170 


93/5 


0.065 


0.129 


( 1 ) भूमि का वर्णन 

( क ) जिला- कोरबा 
( ख ) तहसील - कोरबा 
( ग ) नगर/ ग्राम -पंडरीपानी, प.ह.नं. 5 
( घ ) लगभग क्षेत्रफल-86.040 हेक्टेयर 


12713, 128/3 
127/1, 128/1 


0.202 


93/1 


0.073 


366 


छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 18 मार्च 2005 


[ भाग 1 


खसरा नम्बर 


( 1 ) 


( 2 ) 


रकबा 
( हेक्टेयर में ) 

( 2 ) 


( 1 ) 


348 


0.065 


353/3 


0.138 


0.202 


356 , 


298 
297 


0.579 


0.219 


0.057 


357/1 
365 


299/1 


1.177 


6.012 


299/2 


0.405 


399/2 


0.016 


1.893 


405 


290/1 
292 


0.105 
. 0.1211 


0.486 


406 


294 


0.364 


407 


0.121 


252 


0.717 


408/1 


0.081 


422 


0.081 


394 


0.129 


308/2 


0.486 


413 


0.081 


260/2 


0.008 


0.227 
0.186 
0.077 


219 
415/1 


261/1 


0.340 


. 


290/2 


. 


400 


0.073 


307/1 


0.036 


423 


0.045 


290/4 


0.016 


401 


0.040 


307/3 


0.101 


424 


0.057 


86 


0.271 . 


425 


0.178 


87 


0.154 


427 


0.089 


290/3 


0.049 


428 


0.146 


307/2 


0.032 


0.049 


205/2 
206/2 


463 


0.081 


0.032 


219 . 


0.008 


207 


0.178 


301 


0.073 


336 


. 


0.607 
0.154 


306/2 


0.170 


-228/1 


306/3 


0.073 


228/2 . 


0.016 


306/4 


203 


0.065 


306/5 


0.304 
0.113 
0.202 


393 


0.089 


306/6 


391 


0.202 


306/7 


0.405 .. 


91/2 ख 


0.089 


300 . 


0.040 


334/1 


0.057 


322 


0.097 


430/4 


0.089 


323 


0.053 


432/5 


0.057 


324 , 


0.081 


97/4 


0.198 


326 


0.073 


" 96/5 


0.134 


204/2 


0.069 


209 


0.008 


340 


0.202 


217 


0.077 


341 


0.178 


196/2 


0.020 


342 


0.121 


195/3 


0.073 


344 


0.162 


. 


216/6 


0.081 


346 


0.065 


212/2 . 


0.020 


347 


0.081 


91/ 1 क 


0.097 


.. 


. 


367 


छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 18 मार्च 2005 


s1] 


( 1 ) 


( 2 ) 


( 1 ) 


( 2 ) 


0.061 


0.344 


91/2 क 


33/2 
433/3 


0.057 


0.607 


302 


206/1 


0.283 


0.073 


420 


1 


304 


0.045 


421 


0.364 


325 


10.032 


419/2 


0.174 


462 


0.121 


0.121 


397/1 खं 


0.016 


201/2 


395 


0.995 


0.040 


328/3. 


0.121 


397/ 1 क 


404 


0.113 


398 


- 0.664 


343 


414/1 


0.360 


0.162 
0.073 


402 


414/2 


0.142 


349 


0.057 


0 : 016 


233 


437 


0.299 


234/1 


0.073 


366 


0.032 


235/2 


0.283 


230 


0.032 . 


0.065 


245/2 


392 . 


0.081 


-248 


0.020 


411 


0.121 


246/1 


0.081 


431/2 


0.049 


250/2 


0.146 


96/4 


0.049 


0.024 


254/2 


96/3 


0.125 


251/1 


0.040 


0.081 


429/2 


214/2 


0.405 


199/3 


0.121 


214/3 


0.040 


216/5 


399/4 


0.097 . 


0.219 
0.109 - 
0.053 


459 


399/5 


0.081 


195/2 


221 


.0.202 


0.065 


222 


97/11 . 
220/4 


0.534 
0.243 


0.040 


224/2 


430/3 


0.121 


0.129 


261/2 


432/2 


0.129 


262/3 


0.008 


216/1 


0.890 


0.190 


457/4 


199/2 


0.142 


0.729 


464 


0.032 


91/2 ग 


223 


0.049 


0.097 


91/1 खः 


210 . 


0.283 


91/3 


0.016 , 


0.809 


104/2 


0.093 


106/2 . 


0.267 


97/1 
201/1 ग 


0.150 


185 


0.162 


. 


369/2 


0.008 


186 


0.688 
0.502 


375/2 


188 


0.121 


374 


0.113 


187 


0.255 


396 


0.393 


274 


0.401 


397/2 


0.178 


457/3 


0.291 


375/1 


0.405 


457/2 


0.429 . 


273 


0.372 


452/2 


0.210 


. 


368 


छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 18 मार्च 2005 


[ भाग 1 


( 1 ) 


( 2 ) 


( 1 ) 


( 2 ) 


453 


265/3 


0.065 


* 454 


294/4 


0.032 
0.623 
0.121 , 
0.397 


0.113 


455 


24916 


0.089 


227/1 


269 


0.219 


227/2 


0.194 


262/1 


0.097 


227/3 


0.194 


26372 


0.040 


231/2 


0.121 


264/2 


0.049 


430/2 


0.093 


263/3 


196/3 


0 : 065 


0.020 


264/1 


0.077 


...0.032 


197/2 
232/1 


264/3 


0.223 


0.036 


231/1 


0.121 


24915 


0.142 


409/1 


0.105 


308/1 


0.692 
0.065 


409/3 


255 


0.259 
0.049 


416 


263/1 


0.040 


409 / 2 क 


0.117 


275 


0.413 


412 


314/2 


0.049 


0.081 
0.206 


409/2 ख 


315 


0.283 


410 


0.709 


319 


0.061 


. 


434/1 


0.057 


276 


0 : 263 


1.388 


277 


0.356 


452/1 
419/1 
432/1 


0.162 


270 


0.182 


0.057 


271 


0.170 


0.008 


199/4 , 456/1 

97/2 . 


434/2 


0.016 


0.372 


458 


0.040 


0.162 


237/2 
102/2 . 
179 


0.388 


213/1 


0.959 


0.243 


415/2 


0.129 


180 


0.146 


272 


0.478 


181 


0.243 . 


260/3 


0.097 
0.283 


182 


0.073 


242/1 


183 


0.951 


238/1 


0.049 


• 189 


0.061 


238/2 


.0.121 


190 


0.101 


243/1 


0.121 


191 


0.397 


260/1 , 


0.097 


194/2 


0.016 


260/4 


0.121 


194/3 


.0.004 


235/3 


0.081 


194/4 


0.040 
0.020 


235/1 


0.162 


460 


238/3 


0.121 


98 


0.356 


99 


240/2 


0.040 


1.672 


100 


242/5 


0.243 


0.198 


184 


243/5 


0.138 


0.061 


106/1 


244/2 


0.077 


0.405 
0.020 


236 


245/3 . 


0.008 


265/2 


0.061 


260/7 . 


0.109 


भाग 1 ] 


छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 18 मार्च 2005 


369 


( 1 ) 


( 2 ) 


खसरा नम्बर 


रकबा 
( हेक्टेयर में ) 

( 2 ) 


260/8 


( 1 ) 


198 


0.016 


0.008 


199/11 
97/13 
97/8 


0.040 


+ 


0.097 


220/6 


0.040 . 
0.202 


429/4 


216/11 


0.190 


333/1 


0.097 


333/2 


334/2 


262/2 


0.032 
6.045 
0.040 
0.016 
0.057 


91/5 


199/8 


199/10 


0.097 


456/3 


0.008 


216/9 


0.040 


218/2 


0.109 


218/3 


0.081 


220/3 


0.162 


265/1 


0.142 


246/3 
250/4 
254/1 
251/3 
235/7 
242/3 
243/2 
240/1 
243/3 
235/5 
235/4 
250/1 

251/2 
.260 / 5 

242/4 
243/4 
246/2 
250/3 
245/1 
244/1 
260/6 
234/2 
235/6 

247 
249/1 
249/2 
249/3 
268 
256 
202 
102/1 
200/2 
201/1 ख 
200/3 

211 
435/1 
436 
418 
435/2 

208 
457/1 
477 
97/5 
97/3 
96/2 
478 
267 
193 
194/1 
31714 
195/1 


0.121 
0.016 
0.117 
0.081 
0.020 
0.121 
0.174 
0.101 
0.065 
0.081 
0.190 
0.138 
0.061 
0.060 
0.206 
0.198 
0.243 
0.016 
0.040 .. 
0.162 
0.008 
0.235 
0.049 - 
0.146 
0.445 
0.081 
0.219 
0.049 
0.081 
0.162 
0.324 
1.214 

0.170 
..0.121 

0.231 
0.061 
0.154 
0.388 
0.406 
0.243 
0.380 
0.632 
0.057 
0.105 
0.061 
0 : 049 
0.057 
0.454 
0.388 
0.117 
0.121 
0.121 


431/1 


0.445 


426 


0.186 


212/1 


0.547 


350 


0.162 


351/1 


0.073 


351/2 


0.121 


352/1 


0.182 


345 


0.049 


352/2 


0.097 


353/1 


0.036 


357/2 


0.032 


358 


0.032 


0.392 


363 
364 


0.081 


369/1 


1.153 


359 


0.032 


0.255 


361 . 
354 


0.162 


355/1 


0.166 


212/3 


0.065 


197/1 


0.028 


199/5 


0.097 


+ 


370 


छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 18 मार्च 2005 


[ भाग 1 


( 1 ) 


( 2 ) 


( 1 ) 


( 2 ) 


195/4 


0.069 


312 


0.320 . 


216/7 


0.081 


313/2 


0.405 


0.138 


177 


0.206 


0.049 


178 


0.607 


429/3 
19917 

362 
408/2 . 
417 


313/1 


0.591 


328/2 


0.040 


313/3 


0.627 


353/2 


335/1 


0.081 


0.210 
0.405 
0.073 
0.117 
0.117 
0.016 . 
0.049 
0.259 
0.069 


0.040 


335/9 
399/1 


355/2 

368 
314/1 
320/1 
316/1 
317/1 
370/2 


0.255 


224/1 


0.113 


225 


0.105 


226/2 


0.040 
0.101 


258 


316/2 


259 


0.008 
.0.012 

0.008 
0.024 . 
0.073 


317/2 


257 


317/5 


335/2 


318 


0.069 
0.040 . 
0.121 
0.049 
0.206 
0.057 
0.012 


335/3 


370/ 1 क 


0.101 
0.024 


335/5 


371 
372 


335/6 


0.077 
0.400 . 


335/8 


0.441 


399/3 


0.364 


320/2 
321/1 . 
321/3 
317/3 


192 


0.745 


0.178 
0.057 
0.081 
0.024 


335/4 


0.073 


357/3 


335/7 


0.154 


0.089 


279/1 


0.227 


3601 
331 
332/1 


337 


220/5 


0.202 
0.040 
0.202 
0.053 


338 


0.020 
0.324 
0.024 
0.089 
0.032 
0.138 


429/1 . 


339 


432/3 


329 


97/16 


0.032 


403 


200/1 


0.093 


303 


0.065 


201/12 


0.053 


330 


0.077 


212/4 


0.045 


0.024 


367 
204/11 


216/4 


0.032 


0.069 


216/8 


0.178 


205/1 


0.049 
0.073 


91/4 


0.016 


305 . 


9717 


0.081 


306/1 


0.522 
0.049 


97/12 


6.024 


229 
328/1 


213/2 


0.178 


0.324 
1.148 


309 


333/3 


0.186 


310 


334/3 


0.045 


327 


0.121 
0.024 . 
0.280 


97/9 


0.081 . 


311 


220/7 


0.040 


. 


. 


+ 


भाग 1 ] 


छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 18 मार्च 2005 


371 


( 1 ) 


( 2 ) 


कार्यालय, कलेक्टर , जिला जांजगीर - चांपा, 
छत्तीसगढ़ एवं पदेन उप - सचिव, छत्तीसगढ़ शासन , 

राजस्व विभाग 


जांजगीर - चांपा , दिनांक 23 सितम्बर 2003 


0.129 
0.049 
0.040 
0.016 
0.061 
0.040 
0.101 
0.057 
0.283 
0.053 
0.049 
0.186 
0.101 
0.040 
0.113 
0.175 
0.239 
0.061 
0.016 

0.146 
.0.146 

0.146 
0.146 
0.146 
0.081 


क्रमांक 1246 / सा -1 / सात. - चूंकि राज्य शासन को इस बात का 
समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद (1 ) में वर्णित भूमि 
की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन के लिए 
आवश्यकता है . अतः भू - अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक 1 संन् 
1894 ) संशोधित भू - अर्जन अधिनियम , 1984 की धारा 6 के अंतर्गत 
इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त प्रयोजन के 
लिए आवश्यकता है : 


431/3 
432/4 
216/10 

91/6 
97/14 
. 196/1 
199/11 
199/9 

295 
216/2 , 216/3 

334/4 
333/4 
97/6 
220/8 
97/10 
213/3 
430/1 
97/15 . 
91/7 
433/9 
433/10 
433/11 
433/12 

433/4 
.433 / 1 , 433 / 5,433 / 6 
433/7 , 433/8 

218/1 
220/1 , 220/2 

24212 
237/1 
261/3 
266 
33212 
370/7 ख 
• 456/2 

253 
434/4 
434/5. 
199/6 
214/1 

215 
232/2 


अनुसूची 


( 1 ) भूमि का वर्णन 

( क ) जिला- जांजगीर - चांपा ( छत्तीसगढ़ ) 
( ख ).तहसील - जैजैपुर 
( ग ) नगर/ ग्राम - लोहराकोट , प. ह . नं . 3 
( घ ) लगभग क्षेत्रफल -1.660 हेक्टेयर 


खसरा नम्बर 


रकबा 
( हेक्टेयर में ) 

( 2 ) 


( 1 ) 


0.053 


0.012 
0.008 
0 :809 
0.081 
0.129 
0.202 
0.162 
0.243 
0.004 
0.020 


454/1 
422, 423 . 
427/1 


0.045 


458/1 


0.049 . 
0.057 
0.065 


199/1 


0.049 


0.045 


428 
426 
427/2 
429/2 


0.821 . 


0.036 


0.024 


443 


0.393 
0.049 
0.202 
0.049 . 
* 0.223 


440/2 . 


0.040 
0.024 
0.061 . 
0.020 


439/3 
387/1 


योग 


400 


86.040 


0.024 


439/7 
440/1 . 


0.073 


441 


0.045 


( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है - कोरबा पूर्व ताप 

विद्युत गृह 2 x 250 मेगावाट हेतु राखड़ बांध का निर्माण . 


383/1 


0.053 


0.069 


( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) अनुविभागीय अधिकारी ( राजस्व ) एवं 

भू- अर्जन अधिकारी, कोरबा के कार्यालय में देखा जा सकता है. 


384/3 
386/1 


0.036 
0.040 


386/4 


386/2 


0.093 


छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार , 

गौरव द्विवेदी, कलेक्टर एवं पदेन उप - सचिव . 


0.024 


186 
187 


0.073 


. 


. 


. 


372 


छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 18 मार्च 2005 


[ भाग-1 


( 1 ) 


( 2 ) 


( 1 ) 


( 2 ) 


188/1 


0.065 


381/2 . 


0.25 


196/1 


0.040 


381/1 


0.01 
0.09 


198 


0.129 


1199/3 


0.061 


380/2 
380/1 . 
375/2 


0.08 


0.081 


0.11 


0.028 


199/2 

200/2 
200/1 , 247 

429/1 


0.024 


योग 


0.81 


0.134 


( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है - गोपालपुर माइनर 

का निर्माण हेतु. 


योग 


31 


1.660 


( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है - लोहराकोट 

माइनर नहर निर्माण हेतु . 


( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी, 

( राजस्व ), डभरा के कार्यालय में किया जा सकता है. 


( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण भू - अर्जन अधिकारी, हसदेव 

परियोजना जांजगीर के कार्यालय में किया जा सकता है. 


जांजगीर - चांपा , दिनांक 26 मई 2004 


जांजगीर - चांपा, दिनांक 26 मई 2004 


क्रमांक क/ भू - अर्जन/ 2004/ सा/1 सात.- चूंकि राज्य शासन को इस 
बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में 
वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन 
के लिए आवश्यकता है. अत : भू - अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक , 
1 सन् 1894 ) संशोधित भू - अर्जन अधिनियम, 1984 की धारा 6 के 
अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त 
प्रयोजन के लिए आवश्यकता है : 


क्रमांक क / भू - अर्जन / 2004/ सा /1 सात . - चूंकि राज्य शासन को इस 
बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में 
वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन 
के लिए आवश्यकता है. अत: भू - अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक 
1 सन् 1894 ) संशोधित भू - अर्जन अधिनियम , 1984 की धारा 6 के 
अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त 
प्रयोजन के लिए आवश्यकता है : 


अनुसूची 


अनुसूची 


( 1 ) भूमि का वर्णन 

( क ) जिला- जांजगीर - चांपा 
( ख ) तहसील - डभरा 
( ग ) नगर/ ग्राम - गोपालपुर, प. ह. नं. 21 
( घ ) लगभग क्षेत्रफल -0.24 एकड 


( 1 ) भूमि का वर्णन 

( क ) जिला- जांजगीर - चांपा 
( ख ) तहसील - डभरा 
( ग ) नगर/ ग्राम - हरदी , प. ह. नं . 20 
( घ ) लगभग क्षेत्रफल -0.81 एकड़ 


खसरा नम्बर 


रकबा 
( एकड़ में ) 

( 2 ) 


( 1 ) 


खसरा नम्बर 


रकबा 
( एकड़ में ) 

( 2 ) 


1/2 


0.24 


( 1 ) 


योग 


0.24 


388/1 


0.10 


388/2 


0.11 


( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है - गोपालपुर माइनर 

निर्माण हेतु . 


388/3 


0.01 


382 


0.05 


( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी, 

( राजस्व ), डभरा के कार्यालय में किया जा सकता है . 


- 


भाग 1 ] 


छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 18 मार्च 2005 


373 


जांजगीर - चांपा , दिनांक 26 मई 2004 


जांजगीर - चांपा , दिनांक 26 मई 2004 


. 


क्रमांक क / भू - अर्जन /2004 / सा/ 1 सात.- चूंकि राज्य शासन को इस 
बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में 
वर्णित भूमि को अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन 
के लिए आवश्यकता है. अत : भू - अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक 
1 सन् 1894 ) संशोधित भू- अर्जन अधिनियम, 1984 की धारा 6 के 
अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त 
प्रयोजन के लिए आवश्यकता है : 


क्रमांक क / भू - अर्जन /2004/ सा /1 सात . - चूंकि राज्य शासन को इस 
बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में 
वर्णित भूमि को अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन 
के लिए आवश्यकता है. अत : भू - अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक 
1 सन् 1894 ) संशोधित भू - अर्जन अधिनियम, 1984 की धारा 6 के 
अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त 
प्रयोजन के लिए आवश्यकता है 


- 


अनुसूची 


अनुसूची 


( 1 ) भूमि का वर्णन 

( क ) जिला- जांजगीर - चांपा 
( ख ) तहसील - डभरा 
( प्र ) नगर / ग्राम - हरदी , प. ह. नं . 20 
( घ ) लगभग क्षेत्रफल-1.70 एकड़ 


( 1 ) भूमि का वर्णन 

( क ) जिला- जांजगीर - चांपा 
( ख ) तहसील - डभरा 
( ग ) नगर/ ग्राम - राधापुर , प. ह. नं. 19 
( घ ) लगभग क्षेत्रफल -2.20 एकड़ 


खसरा नम्बर 


खसरा नम्बर 


रकबा 
( एकड़ में ) 

( 2 ) 


रकबा 
( एकड़ में ) 

( 2 ) 


( 1 ) 


( 1 ) 


46/3 


0.07 


0.12 


443/31 
443/1 
478/3 
481/1 
443/4 


0.16 


0.15 


0.12 


483 


0.08 


484 


0.07 
0.13 
0.11 . 
0.06 
0.07 
0.10 
0.15 
0.06 
0.05 
0.03 
0.07 
0.02 
0.03 
0.02 
0.04 
0.04 


0.31 
0.12 


47/1 
46/7 
267/2 
269 
2700 
265/1 

259 
260/3 
319/1 
260/1 
320/2 
318/1 

303 
317/1 
317/2 
342/3 
341/4 
335/1 
335/2 

334 
328/2 


438/11 
438/10 
96/5 


0.12 
0.11 
0.15 


96/3 


9641 


0.08 


96/2 


0.06 


97 


0.09 


98 


0.11 


99/1 


0.12 


101/4 


0.08 


. 


0.20 
0.06 
0.05 
0.04 
0.10 
0.20 


482 


0.13 


438/2 


0.02 


योग 


2.20 


योग . 


1.700 


( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजनजिसके लिए आवश्यकता है - भैसामुहान माइनर 

निर्माण हेतु. 


( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है - गोपालपुर 

वितरक नहर से राधापुर शाखा नहर निर्माण हेतु. 


. 


( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी 

( राजस्व ), डभरा के कार्यालय में किया जा सकता है. 


( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी 

( राजस्व ), डभरा के कार्यालय में किया जा सकता है . 


374 


छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 18 मार्च 2005 


[ भाग 1 


जांजगीर - चांपा , दिनांक 26 मई 2004 


( 1 ). 


( 2 ) 


678/1 


0.01 


योग 


1.86 


क्रमांक क / भू - अर्जन /2004/ सा /1 सात.- चूंकि राज्य शासन को इस 
बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में 
वर्णित भूमि को अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन 
के लिए आवश्यकता है. अत : भू - अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक 
1 सन् 1894 ) संशोधित भू- अर्जन अधिनियम, 1984 की धारा 6 के 
अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त 
प्रयोजन के लिए आवश्यकता है : 


. 


( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है - बोरसी माइनर के 

निर्माण हेतु. 


: 


अनुसूची 


( 3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी 

( राजस्व ), डभरा के कार्यालय में किया जा सकता है . 


1 . 


जांजगीर - चांपा , दिनांक 26 मई 2004 


( 1 ) भूमि का वर्णन 

( क ) जिला - जांजगीर - चांपा 
( ख ) तहसील- डभरा 
( ग ) नगर/ ग्राम - डोमनपुर , प. ह. नं. 19 
( घ ) लगभग क्षेत्रफल -1.86 एकड़ 


. 


क्रमांक क / भू- अर्जन /2004 / सा/ 1 सात..- चूंकि राज्य शासन को इस 
बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ) में 
वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन 
के लिए आवश्यकता है. अतः भू - अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक 
1 सन् 1894 ) संशोधित भू- अर्जन अधिनियम, 1984 की धारा 6 के 
अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त 
प्रयोजन के लिए आवश्यकता है : 


खसरा नम्बर 


रकबा 
( एकड़ में ) 

( 2 ) 


( 1 ) 


654/1 


0.06 


अनुसूची 


649/2 


0.09 
0.02 . 


1648/2 . 


648/1 


0.17 


( 1 ) भूमि का वर्णन 

( क ) जिला- जांजगीर - चांपा 
( ख ) तहसील - डभरा 

ग ) नगर/ ग्राम - गोविंदपुर , प. ह. नं. 19 
( घ ) लगभग क्षेत्रफल -1.13 एकड़ 


647/7 


0.01 


647/1 


0.23 


661/2 


0.10 


681 


0.21 


खसरा नम्बर 


रकबा 


। 


663/1 


0.05 


( एकड़ में ) 


663/2 


( 1 ) 


( 2 ) 


nos 


678/2 


0.06 


677/1 


0.05 


500/5 


0.08 


677/2 


0.05 . 


500/6 


0.08 


737 


0.07 


500/1 


0.14 


638/2 


0.07 


419/4 


0.03 


751/1 


0.05 


752 


0.05 


419/5 


। 


0.10 


753/3 


503 


0.06 


* 0.07 
0.15 


" 


765 


508 


0.28 


782/2 


0.11 


509/1 


0.01 


758/1 


.0.05 


510/1 


0.11 


0.04 


759/2 
75913 . 


0.04 


510/3 


0.06 


375 


भाग 1 ] 


छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 18 मार्च 2005 


. 


( 1 ) 


( 2 ) 


( 2 ) 


( 1 ) 


0.11 


511 


0.18 


1468/1 
1482/2 


0.18 


योग 


1.13 


योग 


1.73 


( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- गोविदंपुर शाखा 

नहर निर्माण हेतु. 


( 2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है - गोपालपुर 

वितरक नहर में सहसपुरी माइनर निर्माण हेतु. 


( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी 

( राजस्व ), डभरा के कार्यालय में किया जा सकता है. 


( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी 

( राजस्व ), डभरा के कार्यालय में किया जा सकता है . 


जांजगीर- चांपा , दिनांक 26 मई 2004 


जांजगीर- चांपा , दिनांक 26 मई 2004 


क्रमांक क / भू- अर्जन / 2004/ सा /1 सात.- चूंकि राज्य शासन को इस 
बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में 
वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन 
के लिए आवश्यकता है. अत : भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक 
1 सन् 1894 ) संशोधित भू - अर्जन अधिनियम, 1984 की धारा 6 के 
अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त 
प्रयोजन के लिए आवश्यकता है : 


क्रमांक क / भू - अर्जन/ 2004/ सा /1 सात. - चूंकि राज्य शासन को इस 
बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) में 
वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन 
के लिए आवश्यकता है. अत : भू - अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक 
1 सन् 1894 ) संशोधित भू - अर्जन अधिनियम , 1984 की धारा 6 के 
अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त 
प्रयोजन के लिए आवश्यकता है : 


अनुसूची 


अनुसूची 


( 1 ) भूमि का वर्णन 

( क ) जिला - जांजगीर - चांपा 
( ख ) तहसील - डभरा 
( ग ) नगर/ ग्राम - पेण्डरूंवा, प. ह . नं. 19 
( घ) लगभग क्षेत्रफल -1.73 एकड़ 


( 1 ) भूमि का वर्णन 

( क ) जिला- जांजगीर - चांपा 
( ख ) तहसील - डभरा 
( ग ) नगर/ ग्राम - डोमनपुर , प. ह. नं . 19 
( घ ) लगभग क्षेत्रफल -3:07 एकड़ 


खसरा नम्बर 


रकबा 
( एकड़ में ) 

( 2 ) 


खसरा नम्बर 


( 1 ) 


रकबा 
( एकड़ में ) 

( 2 ) 


( 1 ) 


1389/2 


0.18 


263 


0.11 


1389/1 ख 


0.18 


1464 


0.18 


0.13 1/2 


262, 132 


1465/3 


0.11 


143, 150 


0.02 


1466/1 


0.19 


0.11 


241 , 242 


1470 


0.03 . 


0.06 


911/2 


912 


0.01 1/2 


0.15 


1471 


.1472/ 2 


0.02 


0.13 


230/1 


, 


0.08 


133 / 1-2 


0.09 


1478/1 


147/ 1-3 


0.04 


1478/2 


0.23 . 
0.13 


0.02 


1478/3 


147/2 


1483/2 


0.09 


0.15 


148/1 


0.12 


113/1 


0.16 


1481 


376 


छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 18 मार्च 2005 


[ भाग 1 


( 1 ). 


( 2) 


अनुसूची 


204/908 


.. 0.05 


228 


0.03 


( 1 ) भूमि का वर्णन 

( क ) जिला - जांजगीर - चांपा 
( ख ) तहसील - डभरा 
( ग ) नगर/ ग्राम - गोपालपुर , प. ह. नं. 21 
( घ ) लगभग क्षेत्रफल-0.52 एकड़ 


227 


0.03 


114/2 


0.12 


226 


0.05 


खसरा नम्बर 


217/1 , 217/2 , 204 


0.29 


रकबा 
( एकड़ में ) . 

( 2 ) 


200 , 201 . 


0.08 


( 1 ) 


197/2 . 


0.12 


198 


0.03 


1/2 . 


0.52 


197/1 


0.14 . 


196 


योग 


0.12 


0.52 


195/3 


0.01 
0.10 . 


131 


( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- कुंदरूझांझ 

माइनर के निर्माण हेतु. 


134/1 


0.05 


134/2 


0.05 


( 3 ) भूमि . का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी 

( राजस्व ), डभरा के कार्यालय में किया जा सकता है. 


157/1 


0.07 


157/910 


0.05 


जांजगीर - चांपा , दिनांक 21 जून 2004 


158 


0.07 


151/2 


0.12 


159 


0.08 


113/2 


0.09 


क्रमांक क / भू - अर्जन / 2003/397/ सा/1 सात. - चूंकि राज्य शासन 
को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) 
में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन 

लिए आवश्यकता है. अतः भू - अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक 
1 सन् 1894 ) संशोधित भू - अर्जन अधिनियम, 1984 की धारा 6 के 
अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त 
प्रयोजन के लिए आवश्यकता है : 


, 


205/1 


0.03 


योग 


3.07 


अनुसूची 


( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है - नवापारा ( म ) 

माइनर क्रमांक 1 की निर्माण हेतु. 


1 


( 3) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी 

( राजस्व ), डभरा के कार्यालय में किया जा सकता है. 


( 1 ) भूमि का वर्णन 

( क ) जिला - जांजगीर - चांपा 
( ख ) तहसील - डभरा 
( ग ) नगर/ ग्राम - बोरसी , प. ह. नं . 20 
( घ ) लगभग क्षेत्रफल -0.76 एकड़ 


जांजगीर - चांपा , दिनांक 21 जून 2004 


खसरा नम्बर 


रकबा 
( एकड़ में ) 

( 2 ) 


( 1 ) 


क्रमांक क/ भू - अर्जन / 2003/ 395 / सा/ 1 सात.- चूंकि राज्य शासन 
को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) 
में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन 
के लिए आवश्यकता है. अतः भू - अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक 
1 सन् 1894 ) संशोधित भू - अर्जन अधिनियम, 1984 की धारा 6 के 
अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त 
प्रयोजन के लिए आवश्यकता है : 


0.11 


14/14, 15/14 

14/9 , 15/9 
14/13, 15/13 
14/11, 15/11 


0.13 
0.06 
0.09 


भाग 1 ] 


छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 18 मार्च 2005 


377 


( 1 ) 


( 2 ) 


( 1 ) 


( 2 ) 


14/12 , 15/12 


0.07 


58/1 


0.223 


14/7 , 157 


0.09 


87 


0.004 


0.07 


71/1 


0.089 


14/6, 15/6 


84 


0.170 


14/16 , 15/16 


0.05 


88/1 


0.028 


14/8 , 15/8 


0.09 


86 . 


0.004 


85 


0.121 


योग 


9 


0.76 


72 


0.028 


184/3 


0 : 020 


83/2 


0.040 


185/3 


0.085 


( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है - गोविंदपुर के 

शाखा नहर निर्माण हेतु. 


184/1 


0.004 


186 


0.004 


( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी 

( राजस्व ), डभरा के कार्यालय में किया जा सकता है. 


187 


0.130 


184/2 


0.020 


256/1 


0.008 


जांजगीर - चांपा , दिनांक 28 अगस्त 2004 


1305/1 


0.032 


1328 


, 0.121 


1316 


0.016 


1317/1 


0.004 


क्रमांक क/ भू - अर्जन / 2004/ 522 सा / 1 सात . - चूंकि राज्य शासन 
को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) 
* में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन 

के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक 
1 सन् 1894 ) संशोधित भू - अर्जन अधिनियम, 1984 की धारा 6 के 
अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त 
प्रयोजन के लिए आवश्यकता है : 


1320 


0.138 


1321 


0.073 


1326 


0.069 


2189/2 


. 


0.073 


1298 


0.028 


अनुसूची 


1297 


0.065 


. 1296 


0.016 


1295 


0.036 


( 1 ) भूमि का वर्णन 

( क ) जिला - जांजगीर - चांपा 
( ख ) तहसील - डभरा 
( ग ) नगर/ ग्राम - सकराली, प. ह. नं . 13 
( घ ) लगभग क्षेत्रफल -6.596 हेक्टेयर 


1292/4 


0.057 


1274/2 


0.040 


1290/2 


0.061 


1290/1 


0.032 


खसरा नम्बर 


. 


1284/3 


0.008 


रकबा 
( हेक्टेयर में ) 

( 2 ) 


1291 


0.077 


( 1 ) 


647/1 


0.036 


647/2 


0.243 


5 


0.380 


633 


0.049 


31/2 


0.121 


631/2 


0.105 


33/1 


0.210 


631/1 


0.053 


45 


630/2 


0.008 


0.170 


570 


57/1 . 


0.032 


0.008 
0.040 


567 


5 


378 


छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 18 मार्च 2005 


[ भाग 1 


( 1 ) 


( 2 ) 


( 1 ) 


( 2 ) 


569 


0.085 


1396/3 


0.045 


568 


0.040 


0.053 


564/2 


0.146 


1396/1 
1408/3 ग . 
563/1 


564/1 


0.053 


0.012 
0.016 


563/1 


0.101 


563/2 


0.045 . 


560, 561 


0.089 . 


557/1 


0.008 


735/6 . 


0.049 


556 


735/1 


0.069 


0.040 
0.016 


576/3 


736/4 


0.077 


576/2 


.0.062 


736/3 . 


0.065 


578 


0.020 


737/1 


0.053 


587/1 


0.057 


722 


0.049 


565/6 


0.008 


720/1 . 


0.049 


542/3 


0.109 


720 


0.069 


586 


0.138 


738/3 


0.024 


543/1 


0.008 


702 


0 : 065 


544/1 


..702 


0.028 
.0.036 


0.045 
0 :053 


* 543/ 2 


703/1 


1 


84 


0.012 


. योग 


6.596 


83/2 


0.036 


191/1 , 192 


0.040 


. 


( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजनजिसके लिए आवश्यकता है - सकराली वितरक 

नहर एवं सकराली माइनर क्रमांक 1, 2 एवं 3 के निर्माण हेतु. 


189/1 


0.028 
0.040 


193/2 


199 


0.085 


( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण भू - अर्जन अधिकारी , 

डभरा के कार्यालय में किया जा सकता है . 


198 


• .0.016 


200/1 


0.004 


201/2 . 


0.113 


0.082 . 


जांजगीर- चांपा, दिनांक 28 अगस्त 2004 


202/1 
257/1, 257/2 

256 


0.134 


0.040 


256/5 


0.078 


256/4 


0.073 


289 


क्रमांक क / भू- अर्जन/ 2004 /524/ सा /1 सात.- चूंकि राज्य शासन 
को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) 
में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन 
के लिए आवश्यकता है. अतः भू - अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक 
1 सन् 1894 ) संशोधित भू - अर्जन अधिनियम, 1984 की धारा 6 के 
अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त 
प्रयोजन के लिए आवश्यकता है : 


0.053 


292/3 


0.004 


288 


0.089 


297/2 


0.093 


0.170 


अनुसूची 


1327 , 1329 , 1330 , 

1331,1383 , 
1397 , 1408/1 क 


0.057 
0.620 


1392 


1408/1 ख 


0.048 


( 1 ) भूमि का वर्णन 

( क ) जिला- जांजगीर - चांपा 
( ख ) तहसील - डभरा 
( ग ) नगर / ग्राम - मेढ़ापाली , प. ह. नं. 12 
— ( घ ) लगभग क्षेत्रफल -0.886 हेक्टेयर 


1396/2 क 


0.020 


.. 


. 


भाग 1 


छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 18 मार्च 2005 


379 


अनुसूची 


खसरा नम्वर 


रकबा 
( हेक्टेयर में ) 

( 2 ) 


( 1 ) 


125/3 


0 : 020 


( 3 ) भूमि का वर्णन 

( क ) जिला- जांजगीर - चांपा 
( ख ) तहसील - डभरा 
( ग ) नगर/ ग्राम - चूराघाठा , प. ह. नं. 13 
( घ ) लगभग क्षेत्रफल -0.575 हेक्टेयर 


125/4 


0.024 


161 
158/2 


0.032 
0.049 


153 


0.53 


खसरा नम्बर 


152/1 


0.040 
0.049 


रकबा 
( हेक्टेयर में ) 

( 2 ) . 


152/4 


( 1 ) 


175/2 


0.073 


175/1 


393 


.0.076 


. 


176/2 
176/1 
176/3 


394/2 , 394/3 


0.097 


0.020 
0.008 
0.073 
0.012 
0.012 . 
0.028 
0.077 
0.004 


394/1 


0.045 


186/2 


394/4 


0.040 


185/1 


184/2 


398 


0.036 


184/1 
181/2 


397/2 . 


0.045 


0.061 


181/3 


0.004 


396/3 


0.081 


181/4 


0.004 


414/2 


0.008 


179/2 


0.020 


396/4 


0.097 


178/ 1.178/ 2 


260/5 


396/10 


0.012 


0.065 
0.036 
0.057 
0.008 


251/1 


415/1 . 


0.036 


253/1 


• 0.012 


. 


253/2 


353/3 


0.024 


योग 


0.575 


1 


योग 


. 


26 


0.886 


( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है - चन्द्रपुर वितरक 

नहर के मेढ़ापाली माइनर नं. 1 एवं 2 के निर्माण हेतु, 


( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है - सकराली वितरक 

नहर के चूराधाठा माइनर नं . 3 के निर्माण हेतु. 


. 


( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण भू - अर्जन अधिकारी, 

डभरा के कार्यालय में किया जा सकता है. 


( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण भू - अर्जन अधिकारी , 

डभरा के कार्यालय में किया जा सकता है . 


जांजगीर - चांपा , दिनांक 28 अगस्त 2004 


जांजगीर - चांपा , दिनांक 28 अगस्त 2004 


क्रमांक क / भू - अर्जन / 2004 / 527/ सा / 1 सात.- चूंकि राज्य शासन 
को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 
में वर्णित भूमि को अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन 
के लिए आवश्यकता है. अत: भू - अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक 
1 सन् 1894 ) संशोधित भू - अर्जन अधिनियम, 1934 की धारा 6 के 
अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त 
प्रयोजन के लिए आवश्यकता है 


क्रमांक क/ भू- अर्जन / 2004 / 529/ सा/1 सात . - चूंकि राज्य शासन 
को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पंद ( 1 ) 
में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन 
के लिए आवश्यकता है. अत : भू - अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक 
1 सन् 1894 ) संशोधित भू - अर्जन अधिनियम, 1984 की धारा 6 के 
अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त 
प्रयोजन के लिए आवश्यकता है 


.. 


. 


: 


म 


380 


छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 18 मार्च 2005 


[ भाग 1 


4 


अनुसूची 


( 1 ) 


( 2 ) 


296/2 


0.016 


( 1 ) भूमि का वर्णन 

( क ) जिला - जांजगीर - चांपा 
( ख ) तहसील - डभरा 
( ग ) नगर/ ग्राम - चूराघाठा, प. ह. नं . 13 
घ ) लगभग क्षेत्रफल -2.975 हेक्टेयर 


303 


0.057 


योग 


-28 


2.975 


खसरा नम्बर 


रकबा 
( हेक्टेयर में ) 

( 2 ) 


( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है - सकरालीवितरक 

नहर एवं चूराघाठा माइनर क्रमांक 1 एवं 2 के निर्माण हेतु. 


( 1 ) 


248 


0.340 


( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण भू- अर्जन अधिकारी , 

डभरा के कार्यालय में किया जा सकता है . 


389 


0.125 


390 


0.247 


387/1 


0.186 


जांजगीर- चांपा , दिनांक 28 अगस्त 2004 


374/2 


0.073 


371/1 


0.061 


375 


0.008 


373/2 


0.073 


क्रमांक काभू- अर्जन /2004/531 / सा /1 सात.- चूंकि राज्य शासन 
को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) 
में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन 
के लिए आवश्यकता है. अतः भू- अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक 
1 सन् 1894 ) संशोधित भू - अर्जन अधिनियम , 1984 की धारा 6 के 
अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त 
प्रयोजन के लिए आवश्यकता है : 


374/3 


0.061 


20/1 


0.130 


: 


24/2 


0.125 


अनुसूची 


+ 


59/1 


0.008 


58 


0.117 


- 


57 


0.089 


( 1 ) भूमि का वर्णन 

( क ) जिला - जांजगीर - चांपा 

ख ) तहसील - डभरा 
( ग.) नगर/ ग्राम - डभरा , प. ह. नं. 10 
( घ ) लगभग क्षेत्रफल -0.247 हेक्टेयर 


248 


0.275 


249/3 


0.065 


250/6 


0.004 


खसरा नम्बर 


250/3 


0.076 


रकबा 
( हेक्टेयर में ) 

( 2 ) 


257/3 


0.231 


( 1 ) 


257/ 4,257/ 5 


0.227 


1975/2 


0.231 


276/ 3,298/ 2 


0.065 


1975/1 


0.016 


276/1 , 298/1 


0.117 


, 


योग 


268 


0.020 , 


02 


0.247 


. 


299/3 


0.125 


(2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है- चूराघाठा माइनर 

नं . 1 के निर्माण हेतु . 


304/3 


0.012 


1 


304/4 


0.040 


( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण भू - अर्जन अधिकारी , 

डभरा के कार्यालय में किया जा सकता है. 


भाग 1 ] 


छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 18 मार्च 2005 


381 


जांजगीर - चांपा , दिनांक 28 अगस्त 2004 


खसरा नम्बर 


रकबा 
( हेक्टेयर में ) 

( 2 ) 


( 1 ) 


क्रमांक क / भू - अर्जन / 2004/533 / सा/1 सात.- चूंकि राज्य शासन 
को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) 
में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन 
के लिए आवश्यकता है. अत: भू - अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक 
1 सन् 1894 ) संशोधित भू - अर्जन अधिनियम, 1984 की धारा 6 के 
अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त 
प्रयोजन के लिए आवश्यकता है : 


अनुसूची 


( 1 ) भूमि का वर्णन 

( क ) जिला- जांजगीर - चांपा 
( ख ) तहसील - डभरा 
( ग ) नगर/ ग्राम - बारापीपर, प. ह . नं . 12 
( घ ) लगभग क्षेत्रफल -0.032 हेक्टेयर 


1 


खसरा नम्बर 


रकबा 
( हेक्टेयर में ) 

( 2 ) 


( 1 ) 


178/5 


0.032 


2044 
1862/1 ग , 1862/1 छ 

2053 

2054/3 
2054/2, 2017 

2038/7 
2038/8 
2038/6 
2038/9 
2038/11 
2038/4 
2038/1 
2035 
2019 
2018 

2017 
2016/2 , 2744 

2015 
2007/1 
2007/2 
2007/3 
2007/4 

2006 
2001/2 
1999/4 
1987/2 
1994/2 
199212 
1992/3 
1983/1 
1983/2 
1984/1 
1982 
1984/2 
1974/3 

1975/3 
, 1974/8 
2545/1 
2545/2 
2545/3 


6.016 
0.085 
0.004 
0.016 
0.105 
0.069 
0.008 
0.057 
0.020 
0.024 
0.049 
0.040 
0.182 
0.053 
0.032 
0.040 
0.134 
0.040 
0.036 
0.036 
0.036 
0.036 
0.093 
0.093 
0.101 . 
0.101 
0.125 
0.101 
0.097 
0.053 
0.105 . 
0.012 
0.077 
0.004 
0.166 
0.085 
0.134 
0.040 
0.048 
0.057 
0.166 


योग 


0.032 


( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है - चन्द्रपुर वितरक 

नहर के मेड़ापाली माइनर नं. 3 के निर्माण हेतु. 


( 3 ). भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण भू - अर्जन अधिकारी, 

डभरा के कार्यालय में किया जा सकता है . 


जांजगीर - चांपा , दिनांक 28 अगस्त 2004 


क्रमांक क / भू - अर्जन/2004 / 535 / सा/ 1 सात . - चूंकि राज्य शासन 
को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) 
में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन 
के लिए आवश्यकता है. अतः भू - अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक 
1 सन् 1894 ) संशोधित भू - अर्जन अधिनियम, 1984 की धारा 6 के 
अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त 
प्रयोजन के लिए आवश्यकता है : 


2545/4 


अनुसूची 


योग 


41 


2.760 


( 1 ) भूमि का वर्णन 

( क ) जिला - जांजगीर - चांपा 
( ख ) तहसील - डभरा 
( ग ) नगर/ ग्राम - डभरा, प. ह. नं . 10 
( घ ) लगभग क्षेत्रफल-2.760 हेक्टेयर 


( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजनजिसके लिए आवश्यकता है - सकराली वितरक 

नहर के निर्माण हेतु. 


( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण भू - अर्जन अधिकारी, 

डभरा के कार्यालय में किया जा सकता है . 


..... 


---.. 


382 


छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 18 मार्च 2005 


[ भाग 1 


जांजगीर - चांपा , दिनांक 28 अगस्त 2004 


( 1 ) 


( 2 ) 


76 


0.097 


82 


0.130 


80/1 


0.045 


क्रमांक क / भू - अर्जन / 2004/ 537 / सा / 1 सात . - चूंकि राज्य शासन 
को इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) 
में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन 
के लिए आवश्यकता है. अतः भू - अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक . 
1 सन् 1894 ) संशोधित भू - अर्जन अधिनियम, 1984 की धारा 6 के 
अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त 
प्रयोजन के लिए आवश्यकता है 


80/2 


0.032 


80/5 


0.004 


80/6 


0.085 


179/1 


0.255 


अनुसूची 


योग 


32 


5.391 


( 1 ) भूमि का वर्णन 

( क ) जिला- जांजगीर - चांपा 
( ख ) तहसील - डभरा 

ग ) नगर/ ग्राम - भेडीकोना, प. ह. नं. 13 
( घ ) लगभग क्षेत्रफल -5.391 हेक्टेयर 


( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है - सकरालीवितरक 

नहर एवं चूराभाठा माइनर क्र . 3 तथा भेडीकोना माइनर के निर्माण 
हेतु. 


. 


( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण भू- अर्जन अधिकारी, 

डभरा के कार्यालय में किया जा सकता है. 


खसरा नम्बर 


रकबा 
( हेक्टेयर में ) 

( 2 ) 


( 1 ) 


जांजगीर - चांपा , दिनांक 30 अगस्त 2004 


88 


0.146 


85/1 


0.441 


87/1 


0.004 


क्रमांक क/ भू- अर्जन / 03 / 474/ सा./1/ सात . - चूंकि राज्य शासन को 
इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) 
में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन 
के लिए आवश्यकता है. अत : भू - अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक 
1 सन् 1894 ) संशोधित भू - अर्जन अधिनियम, 1984 की धारा 6 के 
अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि को उक्त 
प्रयोजन के लिए आवश्यकता है 


8 


0.331 


।। 


85/2 


0.061 


10/1 


0.202 


12 


0.049 


19/3 , 2012 


0.150 


अनुसूची 


18/2 


0.089 


18/3 . 


23/2 . 


0.271 
0.150 
0.040 


( 1 ) भूमि का वर्णन 

( क ) जिला - जांजगीर - चांपा 
( ख ) तहसील - डभरा 
( ग ) नगर/ ग्राम - पुटीडीह , प. ह. नं . 13 
( घ ) लगभग क्षेत्रफल -1.60 हेक्टेयर 


23/1 


24 


0.057 


28/1 


0.028 


28/4 


0.219 


खसरा नम्बर 


33 / 1,34 / 2 


0.178 


रकवा 
( हेक्टेयर में ) 

( 2 ) 


33/4 


0.081 


( 1 ) 


36/1 


0.607 


36/2 


0.809 


787 


0.01 


277 


0.243 


788 


0.26 


88 


0.162 


790 


0.22 


89 


0.057 


791 


0.02 


92/1 


0.057 


963/1 , 963/2 , 


0.01 


81 


0.012 


961/2 


0.20 


85/3 


0.299 


961/1 


0.13 


. 


भाग 1 ] 


छत्तीसगढ़ राजपत्र, 

दिनांक 18 मार्च 2005 


383 


( 1 ) 


( 2 ) 


( 1 ) 


( 2 ) 


960 


0.04 


.107 / 2 


0.08 


802/ 1,802/ 2 


0.27 


99/3 


0.08 


957 


0.29 


99/2 


0.08 


958 


0.03 


99/4 


-0.09 


956 


0.12 


102 


0.03 


103 


0.09 


योग 


1.60 


133/1 , 133/2 


0.13 


134 


0.08 


135 


0.09 


( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है - पुटीडीह माइनर 

क्र . 2 निर्माण हेतु . 


162/1 


0.03 


योग 


1.63 


( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी 

( राजस्व ), डभरा के कार्यालय में किया जा सकता है. 


( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है - जवाली वितरक 

नहर अंतर्गत किरारी माइनरक्र . 1 निर्माण हेतु . 


जांजगीर - चांपा, दिनांक .30 जुलाई 2004 


( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी 

( राजस्व ), डभरा के कार्यालय में किया जा सकता है . 


जांजगीर - चांपा , दिनांक 30 जुलाई 2004 


क्रमांक क/ भू - अर्जन/ 03/ 476/ सा./1/ सात.- चूंकि राज्य शासन को 
इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) 
में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन 
के लिए आवश्यकता है . अतः भू - अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक 
1 सन् 1894 ) संशोधित भू - अर्जन अधिनियम, 1984 की धारा 6 के 
अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त 
प्रयोजन के लिए आवश्यकता है 


.. 


अनुसूची 


क्रमांक क/ भू - अर्जन /03 /478/ सा./1/ सात. - चूंकि राज्य शासन को 
इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 
में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन 
के लिए आवश्यकता है. अत : भू - अर्जन अधिनियम, 1894 ( क्रमांक 
1 सन् 1894 ) संशोधितं भू - अर्जन अधिनियम, 1984 की धारा 6 के 
अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त 
प्रयोजन के लिए आवश्यकता है 


: 


( 1 ) भूमि का वर्णन 

( क ) जिला- जांजगीर - चांपा 
( ख ) तहसील - डभरा 
( ग ) नगर/ ग्राम -किरारी, प. ह . नं. 12 
( घ ) लगभग क्षेत्रफल -1.63 एकड़ 


अनुसूची 


खसरा नम्बर 


रकबा 
( एकड़ में ) 

( 2 ) 


( 1 ) भूमि का वर्णन 

( क ) जिला - जांजगीर - चांपा 
( ख ) तहसील - डभरा 
( ग ) नगर/ ग्राम राधापुर प. ह. नं. 19 
( घ ) लगभग क्षेत्रफल -5.34 एकड़ 


. 


( 1 ) 


681 , 115 


0.33 


खसरा नम्बर 


117/6 


0.01 


रकबा 
( एकड़ में ) 

( 2 ) 


116 


0.15 


( 1 ) 


106/1 


. 


0.11 


106/2 


0.13 


शा. भूमि 

0.18 


108 


0.01 


2 


107/1 . 


0.11 


23/7 


0.15 


384 


छत्तीसगढ़ राजपत्र , दिनांक 18 मार्च 2005 


[ भाग.1 . 


( 1 ) 


( 2 ) 


(1 ) 


( 2 ) . 


23/8 


. 


0.15 


211/2 


0.08 


23/10 


0.14 


227/1 


0.17 


23/11 


0.14 


22/20 


0.08 


227/2 


0.10 


22/19 


0:07 


228/2 


0.05 


22/2 


252/1 


0.06 
6.04 


0.02 


22/18 


251 


0.11 


22/17 


0.01 


22/3 


0.17 


276/2 


0.13. 


22/4 


.0.18 


250/13 


0.02 


22/5 


0.18 


250/12 


0.02 


22/6 


0.19 


250/11 


0.05 . 


2217 


250/10 


0.18 
शा . भूमि 
0.02 


0.04 


172 


. 


253/1 , 2 


0.05 


, 


173/2 


0.16 


188/2 


0.12 


375/18 


0.06 


175/17 


0.03 


योग 


0.05 


5.34 


176 
177 


.0.04 


178/1 


0.06 


( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है - पेण्डरूंवा शाखा 

नहर माइनर निर्माण हेतु. 


18712 


0.06 


187/3 


0.08 


188/1 


0.12 


190/1 


0.10 


( 3 ) भूमि का नवशा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी 

( राजस्व ), डभरा के कार्यालय में किया जा सकता है. 


190/2 


0.02 


191/2 


0.18 


208/4 


0.05 


जांजगीर - चांपा , दिनांक 30 जुलाई 2004 


208/1 


0.66 . 


208/7 


C.05 


208/8 


0.05 


208/9 


0.06 . 


क्रमांक काभू - अर्जन / 03/ 48C / सा./1/ सात . - चूंकि राज्य शासन को . 
इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) 
में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन 
के लिए आवश्यकता है. अत : भू - अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक 
1 सन् 1894 ) संशोधित भू - अर्जन अधिनियम, 1984 की धारा 6 के 
अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त 
प्रयोजन के लिए आवश्यकता है 


208/10 


0.06 . 


208/3 


0.01 


208/5 


0.06 


208/6 


0.05 


208/2 


1.08 


अनुसूची 


216/6 


0.08 


215 


0.02 


213/2 


0.07 


( 1 ) भूमि का वर्णन 

( क ) जिला - जांजगीर - चांपा 
( ख ) तहसील - डभरा 
( ग ) नगर/ ग्राम -किरारी प. ह . नं . 12 
( घ ) लगभग क्षेत्रफल -0.49 एकड़ 


213/1 
212/2 


0.06 


0.11 


भाग 1 ] 


छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 18 मार्च 2005 


385 


खसरा नम्बर 


( 1 ) 


. ( 2 ) 


रकबा 
( एकड़ में ) 

( 2 ) 


( 1 ) 


0.02 


590/1 , 590/2 
589 / 1,589 / 2 
581/ 2,588 / 2 


0.02 


1157 


0.09 


0.11 


1153 


0.09 


587 


0.12 


, 1149 / 1 


0.081 


585 


0.01 


1149/2 


0.04 . 


584/3 


0.14 


1152 


0.03 


598/1 


0.05 


1150/1 , 1150/2 


0.05 


0.18 


541/1 , 541/2 

536 


1139/1 


0.06 


0.01 


1139/4 


0.05 


0.23 


531 / 1,535 / 2 
526/1, 526/2 
519/2 , 520/2 


0.08 


योग 


0.49 


0.17 


624/1 


0.03 


624/2 


0.07 


( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है - पुटीडीह माइनर 

क्र . 1 निर्माण हेतु. 


625 


0.11 


-627. 


0.17 


659 


0.11 


( 3 ) भूमि का नक्शा (प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी 

( राजस्व ), डभरा के कार्यालय में किया जा सकता है. 


662 


0.06 


670/ 1,670/ 2 


0.08 


जांजगीर- चांपा, दिनांक 30 जुलाई 2004 


537 


0.17 


671 


0.08 


406 


0.07 


675 


0.06 


675/2 


0.03 


क्रमांक क/ भू - अर्जन /03/ 482/ सा ./1/ सात.- चूंकि राज्य शासन को 
इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद 
में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन 
के लिए आवश्यकता है. अतः भू - अर्जन अधिनियम , 1894 (क्रमांक 
१ सन् 1894 ) संशोधित भू - अर्जन अधिनियम, 1984 की धारा 6 के 
अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि को उक्त 
प्रयोजन के लिए आवश्यकता है 


योग 


2.55 


: 


( 2) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है - पुटीडीह माइनर 

एक निर्माण हेतु. 


अनुसूची 


( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी 

( राजस्व ) , डभरा के कार्यालय में किया जा सकता है . 


( 1 ) भूमि का वर्णन 

( क ) जिला - जांजगीर- चांपा 
( ख ) तहसील - डभरा 
( ग ) नगर/ ग्राम - पुटीडीह प. ह. नं. 13 
( घ ) लगभग क्षेत्रफल-2.55 एकड़ 


जांजगीर - चांपा, दिनांक 30 जुलाई 2004 


खसरा नम्बर 


रकबा 
( एकड़ में ) 

( 2 ) 


( 1 ) 


क्रमांक क/ भू - अर्जन /03/484/ स h/1/ सात. - चूंकि राज्य शासन को 
इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) 
में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन 
के लिए आवश्यकता है. अत : भू - अर्जन अधिनियम , 1894 ( क्रमांक 
1 सन् 1894 ) संशोधित भू - अर्जन अधिनियम , 1984 की धारा 6 के 
अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त 
प्रयोजन के लिए आवश्यकता है 


592 


0.20 


591 


0.17 


- 


: 


. 


386 


छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 18 मार्च 2005 


[ भाग 1 


अनुसूची 


खसरा नम्बर 


रकबा 
( एकड़ में ) 

( 2 ) 


( 1 ) 


( 1 ) भूमि का वर्णन 

( क ) जिला - जांजगीर - चांपा 
( ख ) तहसील - डभरा 
( ग ) नगर/ग्राम - भैंसामुहान प. ह. नं. 20 . 
( घ ) लगभग क्षेत्रफल-0.49 एकड़ 


213/1 . 


0.11 


213/2 


0.02 
0.10 


195/2 


खसरा नम्बर 


196/1 


0.08 


196/3 


0.07 


रकबा 
( एकड़ में ) 

( 2 ) 


197 


( 1 ) 


0.06 
0.05 


198 


192 


0.04 


67 


0.08 


190 


0.01 


66 . 


0.08 


201 


0.04 


70 


0.06 


202 


0.16 


71/2 


0.01 


203 


0.05 


73/1 


0.09 


205/1 


0.04 


74/2 


0.02 


0.01 


169/1 
169/2 


0.01 


74/1 


0.08 


175/1 


0.07 


168 
162 


0.06 
0.04 


161 


0.04 


योग 


8 


0.49 


170/2 


0.06 


159 


0.03 


158 


0.06 


155 


0.08 


( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है -भैंसामुहान 

माइनर निर्माण हेतु . 


156/1 


151 
311 


0.03 
0.04 
0.04 
0.07 


312/2 


( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी 

( राजस्व ) , डभरा के कार्यालय में किया जा सकता है. 


312/1 


0.02 


0.09 


जांजगीर - चांपा , दिनांक 30 जुलाई 2004 


0.10 


316/4 . 
290/2 , 319/2 

317/2 
318/2 


0.02 
0.17 


319/3 


0.19 
0.03 


321/2 


क्रमांक क / भू - अर्जन/03/ 486 / सा ./ 1/ सात . - चूंकि राज्य शासन को 
इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) 
में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन 
के लिए आवश्यकता है. अत : भू - अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक 
1 सन् 1894 ) संशोधित भू - अर्जन अधिनियम, 1984 की धारा 6 के 
अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त 
प्रयोजन के लिए आवश्यकता है 


0.09 


321/1 
335/1 
33912 


0.28 


0.14 


: 


339/1 


0.18 


अनुसूची 


योग 


2.71 


( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है -गोपालपुर माइनर 

निर्माण हेतु . 


( 1 ) भूमि का वर्णन 

( क ) जिला- जांजगीर - चांपा 
( ख ) तहसील - डभरा 
( ग ) नगर /ग्राम - भैंसामुहान प. ह. नं. 20 
( घ ) लगभग क्षेत्रफल - 2.71 एकड़ 


( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी 

( राजस्व ), डभरा के कार्यालय में किया जा सकता है . 


भाग 1 ] 


छत्तीसगढ़ राजपत्र, दिनांक 18 मार्च 2005 


387 


जांजगीर - चांपा , दिनांक 30 जुलाई 2004 


( 1 ) 


( 2 ) 


461 


0.05 


योग 


2.01 


क्रमांक क/ भू - अर्जन /03 / 488 / सा ./1/ सात.- चूंकि राज्य शासन को 
इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) 
में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन 
के लिए आवश्यकता है. अत : भू - अर्जन अधिनियम , 1894. ( क्रमांक 
1 सन् 1894 ) संशोधित भू- अर्जन अधिनियम , 1984 की धारा 6 के 
अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि को उक्त 
प्रयोजन के लिए आवश्यकता है : 


( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है - जवाली वितरक 

नहर अंतर्गत सब माइनर. 


अनुसूची 


( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी 

( राजस्व ), डभरा के कार्यालय में किया जा सकता है . 


जांजगीर - चांपा , दिनांक 30 जुलाई 2004 


( 1 ) भूमि का वर्णन 

( क ) जिला - जांजगीर - चांपा 
( ख ) तहसील - डभरा 
( ग ) नगर/ ग्राम -किरारी , प. ह . नं . 12 
( घ ) लगभग क्षेत्रफल- 2.01 एकड़ 


क्रमांक क/ भू - अर्जन/03/ 490/ सा./1/ सात . - चूंकि राज्य शासन को 
इस बात का समाधान हो गया है कि नीचे दी गई अनुसूची के पद ( 1 ) 
में वर्णित भूमि की अनुसूची के पद ( 2 ) में उल्लेखित सार्वजनिक प्रयोजन 
के लिए आवश्यकता है. अत: भू- अर्जन अधिनियम, 1894 (क्रमांक 
1 सन् 1894 ) संशोधित भू - अर्जन अधिनियम, 1984 की धारा 6 के 
अंतर्गत इसके द्वारा यह घोषित किया जाता है कि उक्त भूमि की उक्त 
प्रयोजन के लिए आवश्यकता है : 

अनुसूची 


खसरा नम्बर 


रकबा 
( एकड़ में ) 

( 2 ) 


( 1 ) 


445/2 क 


0.06 


455 


0.17 


456/3 


0.05 


( 1 ) भूमि का वर्णन 

( क ) जिला- जांजगीर - चांपा 
( ख ) तहसील- डभरा 
( ग ) नगर/ ग्राम -किरारी, प. ह. नं . 12 
( घ ) लगभग क्षेत्रफल- 0.65 एकड़ 


456/4 


0.07 


457 


0.06 


458 


.0.05 


खसरा नम्बर 


407 


0.15 


रकबा 
( एकड़ में ) 

( 2 ) 


431/1 


0.07 


( 1 ) 


463 


0.17 


. 


462/6 


0.04 


462/5 


0.05 


462 / 4,462/ 3 


0.06 


299/1 
305/1 , 305/2 

306/1 
308 , 309 
313/ 1,313/ 2 

319 
320 
321 
3000 


0.06 
0.02 
0.07 
0.09 
0.16 
0.09 
0.01 
0.10 
0.05 


462/2 


0.11 


462/1 


0.09 


465/1 


0.06 


466 


0.10 


467 


0.18 


योग 


0.65. 


473/2 


0.07 


471/2 


0.01 


( 2 ) सार्वजनिक प्रयोजन जिसके लिए आवश्यकता है -किरारी माइनर 

क्र . 2 के निर्माण हेतु. 


472/2 


0.11 


472/1 


0.06 


472/3 


0.04 


( 3 ) भूमि का नक्शा ( प्लान ) का निरीक्षण अनुविभागीय अधिकारी 

( राजस्व ), डभरा के कार्यालय में किया जा सकता है. 


476/2 


10.02 


491/1 


0.10 


छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार, 

बी . एल. तिवारी, कलेक्टर एवं पदेन उप - सचिव . 


.